केंद्र सरकार ने आधुनिक भारत की रूपरेखा गढ़ने के लिए देशभर में जनगणना की आधिकारिक समय-सीमा तय कर दी है, जिससे हर नागरिक तक विकास की रोशनी पहुंचेगी।
देश के समग्र विकास और पारदर्शी नीतियों के निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। वैश्विक महामारी कोरोना संकट के कारण उत्पन्न हुई अप्रत्याशित चुनौतियों का कुशलतापूर्वक समाधान करते हुए, प्रशासनिक तंत्र अब पूरी तरह से आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम महासर्वेक्षण के लिए तैयार है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, आगामी जनगणना स्वतंत्र भारत के इतिहास की पहली ऐसी जनगणना होगी, जो पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक मोबाइल एप्लिकेशन पर आधारित होगी।
दो चरणों में संपन्न होगा महासर्वेक्षण: प्रमुख तिथियां और शेड्यूल
प्रशासनिक दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने इस विशाल कार्य को दो सुनियोजित चरणों में विभाजित करने की रूपरेखा तैयार की है:
- पहला चरण (मकान सूचीकरण और आवास गणना): इस चरण के तहत प्रशासनिक टीमें प्रत्येक घर का विवरण, जीवन स्तर और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का डेटा संकलित करेंगी। इसके लिए फील्ड स्तर पर विशेष डिजिटल टूल्स तैनात किए जाएंगे।
- दूसरा चरण (जनसंख्या गणना): दूसरे चरण में देश के प्रत्येक नागरिक का व्यक्तिगत, सामाजिक और आर्थिक विवरण दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का आधार तैयार होगा।
- सेल्फ-एन्यूमिरेशन की आधुनिक सुविधा: नागरिकों की सहूलियत के लिए सरकार इस बार पोर्टल के जरिए स्वयं गणना (Self-Enumeration) का क्रांतिकारी विकल्प भी उपलब्ध कराने जा रही है।
‘विकसित भारत’ के संकल्प को मिलेगी नई गति
गृह मंत्रालय और भारत के महापंजीयक (RGI) के नेतृत्व में संचालित होने वाली यह प्रक्रिया न केवल जनसंख्या के सटीक आंकड़े प्रस्तुत करेगी, बल्कि विकसित भारत 2047 के रोडमैप को भी ठोस आधार प्रदान करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष द्वारा समय को लेकर उठाए जाने वाले सवाल महज राजनीतिक विमर्श का हिस्सा हैं, जबकि धरातल पर सरकार का मुख्य उद्देश्य डेटा की प्रामाणिकता, सुरक्षा और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
इस आधुनिक जनगणना से प्राप्त आंकड़ों की मदद से प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, और शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इस महाअभियान के दौरान नागरिकों की डेटा प्राइवेसी का शत-प्रतिशत ध्यान रखा जाएगा।
(Image Credit: abplive.com)






