फतेहपुर: चर्च में धर्मांतरण के आरोप पर बजरंग दल का हंगामा, पुलिस ने पादरी को बचाया

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फतेहपुर: चर्च में धर्मांतरण के आरोप पर बजरंग दल का हंगामा, पुलिस ने पादरी को बचाया

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में स्थित राधानगर थाना क्षेत्र के इंडिया प्रेसबाईटेरियन चर्च में धर्मांतरण के आरोपों को लेकर सोमवार को बड़ा हंगामा हो गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चर्च पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और वहां मौजूद लोगों से बहस भी हुई। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, तनाव भी बढ़ने लगा। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

फतेहपुर: चर्च में धर्मांतरण के आरोप पर बजरंग दल का हंगामा, पुलिस ने पादरी को बचाया

जानकारी के अनुसार, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चर्च के अंदर हिंदू महिलाओं को प्रलोभन देकर धर्मांतरण करवाने का प्रयास किया जा रहा था। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में महिलाएं चर्च के भीतर मौजूद थीं, जिसे देखकर कार्यकर्ताओं का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने विरोध दर्ज कराया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

घटना के दौरान पुलिस ने पादरी को सुरक्षा देने का प्रयास किया और उसे भीड़ से बाहर निकालने लगी। उसी समय कुछ कार्यकर्ताओं ने पादरी को पकड़कर घसीटने की कोशिश की, जिससे हालात और बिगड़ते गए। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी (CO) ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कराया और पादरी को पुलिस सुरक्षा घेरे में लेकर वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। चर्च में मौजूद लोगों, बजरंग दल कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वास्तव में वहां धर्मांतरण से जुड़ी कोई गतिविधि चल रही थी या नहीं, अथवा केवल आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने फिलहाल किसी भी नतीजे पर पहुंचने से इनकार किया है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, चर्च में कई बार धार्मिक सभाएं आयोजित की जाती हैं, जिनमें महिलाएं और परिवार शामिल होते हैं। हालांकि, धर्मांतरण के आरोप नए नहीं हैं और पहले भी ऐसे आरोप सामने आ चुके हैं। वहीं, चर्च से जुड़े लोगों का कहना है कि वे केवल प्रार्थना सभा करते हैं और किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं बनाया जाता।

इस घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल रहा, लेकिन पुलिस की तैनाती के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। प्रशासन पूरे मामले पर करीब से नजर रखे हुए है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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