इटावा में अलाव जलाना पड़ा भारी, थिनर डालते समय बोतल में धमाका; युवक गंभीर रूप से झुलसा
इटावा : संवाददाता
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए अलाव जलाना एक युवक को भारी पड़ गया। अलाव को तेज करने के लिए थिनर डालते समय अचानक बोतल में तेज धमाका हो गया, जिससे युवक बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना इटावा के एक रिहायशी इलाके की बताई जा रही है, जहां ठंड से राहत पाने के लिए युवक अलाव जला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अलाव की आग कम होने पर युवक ने पास रखी थिनर की बोतल से आग तेज करने की कोशिश की। जैसे ही उसने बोतल से थिनर डाला, उसी दौरान तेज धमाका हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि आग की लपटें युवक के शरीर पर फैल गईं और वह वहीं गिर पड़ा।

धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। कुछ लोगों ने पानी और कपड़ों की मदद से आग बुझाई, जबकि अन्य ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। आग की चपेट में आने से युवक के हाथ, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्से गंभीर रूप से झुलस गए हैं। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, युवक की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन जलने के घाव गंभीर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आग से झुलसने के कारण उसे लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ सकती है। बेहतर उपचार के लिए आवश्यकता पड़ने पर उसे हायर सेंटर भी रेफर किया जा सकता है।
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठंड के मौसम में अलाव जलाते समय अक्सर लोग पेट्रोल, डीजल या थिनर जैसे ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल कर लेते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा हादसे का कारण बन जाती है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हादसा लापरवाही के कारण हुआ है। प्रारंभिक जांच में किसी तरह की साजिश या आपराधिक पहलू सामने नहीं आया है। फिर भी, पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड से बचाव के लिए लोग जगह-जगह अलाव जला रहे हैं। लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे पहले भी प्रदेश के कई जिलों में अलाव जलाते समय आग लगने या धमाके की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं।
विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से बार-बार चेतावनी दी जाती रही है कि अलाव जलाते समय किसी भी तरह के ज्वलनशील तरल पदार्थ का प्रयोग न किया जाए। पेट्रोल, डीजल, केरोसिन या थिनर जैसी चीजें आग को अचानक भड़का देती हैं, जिससे विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद लोग ठंड से जल्दी राहत पाने के चक्कर में जोखिम उठा लेते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित तरीकों का ही इस्तेमाल करें। अलाव जलाते समय बच्चों और ज्वलनशील पदार्थों को दूर रखें और खुले स्थान पर ही आग जलाएं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या फायर ब्रिगेड को सूचना दें।
यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि ठंड से बचाव के लिए की गई थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम ला सकती है। इटावा की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और लोगों को सावधानी बरतने का संदेश दिया है।



