सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मैनपुरी की सड़कों पर हाईटेक इंटरसेप्टर वाहन की तैनाती कर दी गई है। अब यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर अत्याधुनिक तकनीक से पैनी डिजिटल नजर रखी जाएगी।
स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में मैनपुरी प्रशासन का बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश सरकार की स्मार्ट और सुरक्षित यातायात संकल्पना के तहत जिले में इस हाईटेक वाहन को उतारा गया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस प्रशासन अब आधुनिक तकनीकों के ज़रिए ज़िले की प्रमुख सड़कों और राजमार्गों पर पैच गश्त बढ़ा रहा है। इस तकनीक-आधारित पहल से न केवल ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों पर लगाम लगेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी प्रभावी रूप से कमी आएगी।
अत्याधुनिक फीचर्स से लैस है नया ‘इंटरसेप्टर वाहन’
यह विशेष वाहन पूरी तरह से डिजिटल और स्वचालित आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है। इसके जरिए दूर से ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को चिह्नित कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सकती है।
- लेजर आधारित स्पीड गन: तेज गति से दौड़ने वाली गाड़ियों की गति को मीटरों दूर से ही सटीक रूप से मापने में सक्षम।
- 360-डिग्री नाइट-विजन कैमरे: दिन हो या रात, हर समय स्पष्ट फुटेज और नंबर प्लेट कैप्चर करने की क्षमता।
- ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR): नियम तोड़ते ही अपने आप ई-चालान जनरेट होकर सीधे वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पहुंच जाएगा।
- डिजिटल ब्रेथ एनालाइजर: शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों की तुरंत जांच के लिए ऑन-बोर्ड टेस्टिंग डिवाइस।
सुगम और सुरक्षित यातायात है मुख्य प्राथमिकता
स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग का यह कदम नागरिकों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस पहल का मुख्य ध्येय चालान काटना नहीं, बल्कि चालकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और अनुशासन लाना है। मैनपुरी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे गति सीमा का ध्यान रखें, हेलमेट व सीटबेल्ट अवश्य लगाएं और एक ज़िम्मेदार नागरिक की तरह यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में सहयोग करें।
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