मैनपुरी में चकरोड पर अवैध कब्जे की शिकायत पर जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया है। किसान की समस्या के स्थायी समाधान हेतु राजस्व विभाग की टीम सक्रिय हो गई है।
जिले में ग्रामीण बुनियादी ढांचे और किसानों की सुगम आवाजाही को लेकर शासन की प्रतिबद्धता धरातल पर दिख रही है। इसी क्रम में मैनपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक किसान ने चकरोड पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। किसान ने जिलाधिकारी (डीएम) के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए सार्वजनिक रास्ते को तत्काल खाली कराने का अनुरोध किया, जिस पर प्रशासनिक स्तर से त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
अवैध कब्जों पर जिला प्रशासन का सख्त रुख
वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश सरकार द्वारा भू-माफियाओं और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इस मामले को भी प्राथमिकता पर लिया गया है। किसान ने प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि चकरोड बंद होने से उसे और अन्य ग्रामीणों को खेतों तक आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि मामले में संज्ञान न लिए जाने की स्थिति में किसान ने अनशन की बात कही थी, लेकिन प्रशासन ने समस्या की गंभीरता को देखते हुए इसे तुरंत प्राथमिकता सूची में डाला। संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और राजस्व निरीक्षकों को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के हित में त्वरित कदम
- राजस्व टीम का गठन: चकरोड की पैमाइश और सीमांकन के लिए लेखपाल व कानूनगो की संयुक्त टीम को निर्देशित किया गया है।
- पारदर्शी समाधान: दोनों पक्षों की मौजूदगी में निष्पक्ष पैमाइश कराकर सार्वजनिक रास्ते को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
- जीरो टॉलरेंस नीति: सरकारी भूमि और चकरोड पर अनाधिकृत अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की तैयारी है।
मैनपुरी प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुविधाओं से जुड़े रास्तों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनसुनवाई प्रणाली के जरिए प्रशासन हर नागरिक की समस्या का समयबद्ध और न्यायसंगत निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।
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