तेलंगाना राजनीति: राज्य की सियासत में उस समय अचानक भूचाल आ गया, जब भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने मुख्यमंत्री अनुमुला रेवंत रेड्डी को एक कड़ा कानूनी नोटिस भेज दिया। इस नोटिस में केटीआर ने सीएम द्वारा लगाए गए बेबुनियाद आरोपों को वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
झूठे आरोपों पर बीआरएस का पलटवार
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केटीआर और पूर्ववर्ती सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। केटीआर का कहना है कि मुख्यमंत्री पद की गरिमा को दरकिनार करते हुए रेवंत रेड्डी ने उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से तथ्यहीन और भ्रामक बयान दिए हैं। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, इस कानूनी कदम के बाद तेलंगाना में कांग्रेस और बीआरएस के बीच वाकयुद्ध और ज्यादा तेज हो गया है।
लीगल नोटिस की मुख्य बातें (Key Highlights)
केटीआर द्वारा भेजे गए इस कानूनी नोटिस में मुख्यमंत्री को सख्त हिदायत दी गई है:
- सार्वजनिक माफी की मांग: सीएम रेवंत रेड्डी को बिना शर्त मीडिया के सामने आकर अपने बयानों पर खेद व्यक्त करना होगा।
- आरोप वापस लें: केटीआर के खिलाफ लगाए गए सभी राजनीतिक व व्यक्तिगत आरोपों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की चेतावनी दी गई है।
- कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: यदि तय सीमा के भीतर माफी नहीं मांगी गई, तो केटीआर सीएम के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे।
राज्य में गरम हुआ राजनीतिक माहौल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीआरएस का यह आक्रामक रुख तेलंगाना की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है। केटीआर ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी और अपनी पार्टी की साख से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। अब पूरे प्रदेश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस नोटिस का क्या जवाब देता है।
(Image Credit: abplive.com)





