जाम में दंपति से अभद्रता का वीडियो वायरल, महिला दरोगा रत्ना राठी लाइनहाजिर; विभागीय जांच शुरू
मेरठ/अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के मेरठ में ट्रैफिक जाम के दौरान एक दंपति से अभद्रता और गाली-गलौज करने के आरोप में अलीगढ़ जिले में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर रत्ना राठी पर सख्त कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिला दरोगा को कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते और दंपति के साथ धक्का-मुक्की करते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और उन्हें लाइनहाजिर कर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
मामला मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र के बॉम्बे बाजार इलाके का बताया जा रहा है, जहां रविवार शाम करीब सात बजे भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान अलीगढ़ में तैनात सब-इंस्पेक्टर रत्ना राठी सहारनपुर से लौटते समय मेरठ से गुजर रही थीं। आरोप है कि जाम में उनकी कार फंस गई, जिसके बाद वह हताशा में आकर आपा खो बैठीं और दूसरी कार में बैठे दंपति के साथ बहस करने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला दरोगा ने गाड़ी साइड न मिलने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर गाली-गलौज भी की।

यह भी आरोप है कि विवाद बढ़ने पर रत्ना राठी अपनी कार से नीचे उतरीं और सामने वाली कार में बैठे दंपति के साथ धक्का-मुक्की करने लगीं। जब युवक ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए उसे कथित रूप से धमकाया। इस पूरी घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने महिला दरोगा के व्यवहार पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की।
अलीगढ़ पुलिस ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए स्वयं संज्ञान लिया। अधिकारियों ने बताया कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि के बाद रत्ना राठी को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए विभागीय समिति का गठन किया गया है। समिति घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमों के अनुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग का उद्देश्य कानून-व्यवस्था के साथ-साथ शालीन और जिम्मेदार आचरण को कायम रखना है। वर्दी में रहते हुए किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है ताकि जनता का भरोसा पुलिस पर कायम रह सके।
स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि बॉम्बे बाजार इलाका अक्सर जाम की समस्या से जूझता रहता है। रविवार को भी लंबा ट्रैफिक जाम लगा हुआ था, जिससे लोग परेशान थे। इसी दौरान यह विवाद हुआ, जिसका नतीजा वीडियो के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ट्रैफिक प्रबंधन पर भी समुचित ध्यान देना चाहिए ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और इस तरह की अप्रिय स्थितियां पैदा न हों।
उधर, पूरे मामले पर पुलिस विभाग ने अपील की है कि लोग सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं से बचें और अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कार्रवाई होगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वर्दीधारी कर्मियों का सार्वजनिक स्थानों पर व्यवहार कैसा होना चाहिए। कानून का पालन कराने वालों से आमतौर पर शालीनता, धैर्य और संतुलित आचरण की अपेक्षा की जाती है। इस बीच, विभागीय जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद महिला दरोगा रत्ना राठी के खिलाफ आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।



