गणतंत्र दिवस परेड का रिहर्सल शुरू, राजपथ पर दिखा अनुशासन और शौर्य
नई दिल्ली:
गणतंत्र दिवस 2026 की तैयारियों के तहत राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक राजपथ पर परेड का रिहर्सल शुरू हो गया है। ठंडी सुबह के बीच जब सूरज की हल्की किरणें राजपथ पर पड़ीं, तो अनुशासन, शौर्य और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सशस्त्र बलों की सधी हुई चाल, एक समान कदमताल और बैंड की देशभक्ति धुनों ने माहौल को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। यह रिहर्सल 26 जनवरी को होने वाले भव्य आयोजन की एक झलक मात्र है, जो हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण होता है।


रिहर्सल में थल सेना, नौसेना और वायु सेना की विभिन्न टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। जवानों की वर्दी में चमक, हथियारों के साथ तालमेल और कमांडरों के सटीक निर्देशों ने परेड की गंभीरता और गरिमा को और बढ़ा दिया। राजपथ पर जब टुकड़ियां “लेफ्ट-राइट” के ताल पर आगे बढ़ीं, तो दर्शकों को भारत की सैन्य शक्ति और संगठन क्षमता का अहसास हुआ।
परेड के दौरान सैन्य बैंड ने देशभक्ति गीतों की मनमोहक धुनें प्रस्तुत कीं। ‘सारे जहां से अच्छा’ और अन्य प्रेरणादायक धुनों पर वातावरण गूंज उठा। बैंड की लयबद्ध प्रस्तुति ने न सिर्फ जवानों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि वहां मौजूद अधिकारियों और सीमित दर्शकों के मन में भी देशभक्ति की भावना को प्रबल किया।
गणतंत्र दिवस परेड केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक भी है। रिहर्सल के दौरान विभिन्न राज्यों की झांकियों की तैयारियों की भी झलक देखने को मिली। इन झांकियों में देश की लोकसंस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर, तकनीकी प्रगति और सामाजिक संदेशों को दर्शाया जाएगा। हालांकि पूर्ण झांकियां मुख्य परेड के दिन ही नजर आएंगी, लेकिन रिहर्सल ने उनकी भव्यता का संकेत दे दिया है।
सुरक्षा के लिहाज से भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। राजपथ और आसपास के इलाकों में यातायात को नियंत्रित किया गया है ताकि रिहर्सल और आगामी कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। अधिकारियों के अनुसार, हर स्तर पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है।
रिहर्सल का उद्देश्य न केवल परेड की तकनीकी तैयारी करना है, बल्कि जवानों के बीच तालमेल और समयबद्धता को भी परखना है। कई दिनों तक चलने वाले इन अभ्यास सत्रों में छोटी-छोटी त्रुटियों को सुधारा जाता है, ताकि 26 जनवरी को कार्यक्रम पूरी तरह सटीक और प्रभावशाली हो।
गणतंत्र दिवस भारत के संविधान के लागू होने का प्रतीक है और यह दिन देश की लोकतांत्रिक यात्रा को दर्शाता है। राजपथ पर होने वाली परेड इस बात का संदेश देती है कि भारत एक संप्रभु, मजबूत और एकजुट राष्ट्र है। रिहर्सल के दौरान दिखा अनुशासन और शौर्य यही बताता है कि देश की सुरक्षा और सम्मान विश्वसनीय हाथों में है।
जैसे-जैसे 26 जनवरी नजदीक आ रही है, राजधानी में उत्साह और बढ़ता जाएगा। आज का यह रिहर्सल आने वाले भव्य समारोह की भूमिका है, जो एक बार फिर देशवासियों के दिलों में गर्व और देशभक्ति की भावना को नई ऊर्जा देगा।



