यूपी विधानसभा परिसर में समाजवादी पार्टी का जोरदार प्रदर्शन, कोडीन कफ सिरप मामले में सरकार पर संरक्षण के आरोप
उत्तर प्रदेश विधानसभा परिसर के मुख्य द्वार पर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते समाजवादी पार्टी के विधायक और विधान परिषद सदस्य।
लखनऊ : सोमवार…..
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को विधानसभा परिसर में समाजवादी पार्टी (एसपी) ने कोडीन युक्त कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा और विधान परिषद के एसपी सदस्यों ने विधान भवन के मुख्य द्वार पर एकत्र होकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और इस पूरे मामले में “बड़े लोगों को बचाने” का दावा किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारे लगाए गए और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
सुबह करीब 10 बजे समाजवादी पार्टी के विधायक और एमएलसी हाथों में तख्तियां लेकर विधान भवन के मुख्य द्वार पर पहुंचे। तख्तियों पर “नशे का कारोबार बंद करो”, “कोडीन माफिया को संरक्षण क्यों”, “दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई” जैसे नारे लिखे हुए थे। इसके बाद सभी सदस्य विधानसभा परिसर में स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठ गए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

एसपी नेताओं का आरोप है कि उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है, लेकिन सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ अवैध दवाओं की तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार संगठित अपराध और नशे के बढ़ते नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पार्टी का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में कुछ प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता है, जिन्हें सरकार बचाने की कोशिश कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेला जा रहा है और कोडीन कफ सिरप जैसे नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार “जीरो टॉलरेंस” की बात करती है, तो फिर इस तरह के मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं दिख रही। एसपी नेताओं ने यह भी कहा कि यदि सरकार सच में गंभीर है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
एसपी विधायकों ने आरोप लगाया कि कई जिलों में कोडीन कफ सिरप की अवैध बिक्री खुलेआम हो रही है और स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है। उनका कहना था कि पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं, क्योंकि समय-समय पर शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पार्टी ने मांग की कि इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और इसमें शामिल सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाए।
धरने के दौरान यह भी कहा गया कि कोडीन युक्त कफ सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है, जिससे समाज, खासकर युवाओं और छात्रों पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। एसपी नेताओं ने इसे एक सामाजिक संकट बताते हुए कहा कि सरकार को इसे केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे के रूप में देखना चाहिए।
विधानसभा परिसर में हुए इस प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए हलचल का माहौल रहा। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। प्रदर्शन के बाद एसपी सदस्यों ने सरकार से मांग की कि वह सदन में इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब दे और बताए कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है और आगे की क्या योजना है।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से समाजवादी पार्टी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया। सरकार समर्थक नेताओं का कहना है कि अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उनका यह भी दावा है कि विपक्ष बिना तथ्यों के सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में नशे और अवैध दवाओं के कारोबार को लेकर पहले भी विपक्ष सरकार को घेरता रहा है। शीतकालीन सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सियासी गर्मी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी इस मामले को सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह जोर-शोर से उठाएगी।
कुल मिलाकर, कोडीन कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार को लेकर एसपी का यह प्रदर्शन न सिर्फ सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश माना जा रहा है, बल्कि यह संकेत भी है कि शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है।



