कानपुर रोडवेज से माघ मेले के लिए चलेंगी 270 बसें और 50 शटल बसें,
प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन के बाद अब सरकार का फोकस माघ मेले को भी सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने पर है। इसी कड़ी में कानपुर रोडवेज की ओर से माघ मेले के लिए कुल 270 स्पेशल बसें और 50 शटल बसें चलाने का फैसला किया गया है। ये बसें चौबीसों घंटे संचालित होंगी और यात्रियों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त मेला सरचार्ज नहीं लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए फैसला
हर साल माघ मेले में लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान के लिए पहुंचते हैं। खासतौर पर मौनी अमावस्या, मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा और बसंत पंचमी जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर भारी भीड़ उमड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार परिवहन व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।


24 घंटे बस सेवा, दिन-रात मिलेगी सुविधा
परिवहन विभाग के अनुसार, कानपुर रोडवेज से चलाई जाने वाली सभी 270 स्पेशल बसें और 50 शटल बसें 24 घंटे संचालित होंगी। यानी श्रद्धालु दिन हो या रात, किसी भी समय प्रयागराज के लिए यात्रा कर सकेंगे। इससे भीड़ का दबाव एक समय पर नहीं पड़ेगा और यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
बिना मेला सरचार्ज के यात्रा
माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह बड़ी राहत की खबर है कि बस किराए में कोई अतिरिक्त मेला शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा। आमतौर पर बड़े धार्मिक आयोजनों में किराया बढ़ने की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन इस बार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सामान्य किराए पर ही यात्रा कराई जाएगी। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के श्रद्धालुओं को सीधा फायदा मिलेगा।
शटल बसों से मेला क्षेत्र तक आसान पहुंच
50 शटल बसों की व्यवस्था खासतौर पर मेला क्षेत्र के आसपास की गई है। ये शटल बसें प्रमुख पार्किंग स्थलों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से मेला क्षेत्र तक यात्रियों को पहुंचाएंगी। इससे निजी वाहनों की संख्या कम होगी और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि शटल सेवा से यातायात व्यवस्था ज्यादा सुचारू रहेगी।
सुरक्षा और सुविधाओं पर भी खास ध्यान
बसों में सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक बस में चालक और परिचालक को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, प्रमुख रूटों पर परिवहन विभाग के अधिकारी और पुलिस बल तैनात रहेगा। बसों की नियमित जांच, समय-समय पर ब्रेक और यात्रियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क भी बनाए जाएंगे।
प्रयागराज के लिए प्रमुख रूट
कानपुर रोडवेज की बसें कानपुर सेंट्रल, झकरकटी बस अड्डा और अन्य प्रमुख स्थानों से सीधे प्रयागराज के लिए रवाना होंगी। इसके अलावा आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी इन बसों से जोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ने पर बसों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
महाकुंभ 2025 के अनुभव का मिलेगा लाभ
महाकुंभ 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन, सुरक्षा और प्रबंधन के क्षेत्र में कई नए प्रयोग किए थे, जो काफी हद तक सफल रहे। अब उन्हीं अनुभवों का इस्तेमाल माघ मेले में किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पिछली गलतियों से सीख लेकर इस बार व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया गया है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निजी वाहनों की जगह रोडवेज बसों और शटल सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे न केवल यातायात सुचारू रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाहों से बचने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर
कानपुर रोडवेज की 270 स्पेशल और 50 शटल बसों की यह व्यवस्था माघ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी। चौबीसों घंटे बस सेवा, बिना अतिरिक्त किराया और बेहतर प्रबंधन के चलते इस बार माघ मेला यात्रा ज्यादा सुरक्षित, सुलभ और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।



