UPSSSC PET 2026 के पहले चरण की परीक्षा आज से शुरू हो गई है। शासन द्वारा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष बस और ट्रेनों के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और आधुनिक निगरानी तंत्र के बीच युवा पूरे उत्साह के साथ परीक्षा में भाग ले रहे हैं।
अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए सरकार का मेगा प्लान
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन पूरी तरह मुस्तैद है। दूर-दराज से आने वाले परीक्षार्थियों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों पर यूपी रोडवेज और रेलवे प्रशासन ने संयुक्त रूप से विशेष प्रबंध किए हैं। बस अड्डों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त फेरे संचालित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं को समय पर उनके परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया जा सके।
वॉइस ऑफ मैनपुरी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण के लिए हेल्पडेस्क भी स्थापित किए हैं। अभ्यर्थियों ने इस त्वरित और सुव्यवस्थित यातायात सुविधा के लिए प्रशासनिक तत्परता की सराहना की है।
मैनपुरी में 14,352 परीक्षार्थी दे रहे परीक्षा
मैनपुरी जिले में भी परीक्षा को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जिले के विभिन्न केंद्रों पर कुल 14,352 अभ्यर्थी पहले चरण की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक और जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती कर रखी है, जिससे व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है।
- बायोमेट्रिक सत्यापन: प्रत्येक केंद्र पर प्रवेश से पूर्व बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन के जरिए गहन जांच की जा रही है।
- सीसीटीवी सर्विलांस: परीक्षा कक्षों से लेकर मुख्य द्वार तक 24×7 सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग हो रही है।
- स्पेशल परिवहन सेल: परीक्षार्थियों की भारी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों की रवानगी लगातार जारी है।
- चिकित्सा व पेयजल व्यवस्था: गर्मी और उमस से बचाव के लिए हर सेंटर पर ओआरएस और शुद्ध पेयजल के विशेष काउंटर बनाए गए हैं।
पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता
भर्ती परीक्षाओं में शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदमों का असर साफ दिखाई दे रहा है। सॉल्वर गैंग और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए एसटीएफ (STF) और स्थानीय पुलिस लगातार सक्रिय हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई तय है, जिससे योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों को उनका वास्तविक हक मिल सके।
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