मैनपुरी की ऐतिहासिक रामलीला में मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने और सुलोचना सती के भावपूर्ण मंचन ने हजारों श्रद्धालुओं को पूरी तरह भावविभोर कर दिया।
शहर के मुख्य मंच पर आयोजित हो रहे भव्य शारदीय रामलीला महोत्सव में भक्ति, त्याग और वीरता का अनूठा संगम देखने को मिला। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, जैसे ही मेघनाद ने वीरघातिनी शक्ति का संधान कर लक्ष्मण जी पर प्रहार किया, पूरा पंडाल ‘जय श्री राम’ के उद्घोष और करुण रस से गूंज उठा। कलाकारों के सधे हुए अभिनय ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
युद्ध भूमि में चला शक्ति बाण, भावुक हुए श्रद्धालु
लीला के दौरान मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध का चित्रण किया गया। मेघनाद द्वारा शक्ति बाण चलाते ही लक्ष्मण जी के अचेत होने के दृश्य ने दर्शकों को स्तब्ध कर दिया। इसके बाद प्रभु श्री राम का भ्रातृ-प्रेम में विलाप और पवनपुत्र हनुमान का संजीवनी बूटी लाने के लिए प्रस्थान करने का दृश्य अत्यंत मार्मिक रहा।
इसके पश्चात सुलोचना सती प्रसंग का मंचन हुआ, जिसमें पतिव्रता धर्म, मर्यादा और त्याग की अद्वितीय मिसाल पेश की गई। दर्शकों ने कलाकारों के जीवंत अभिनय की जमकर सराहना की।
मंचन के मुख्य आकर्षण:
- लक्ष्मण शक्ति प्रसंग: मेघनाद के प्रहार से लक्ष्मण का मूर्छित होना और प्रभु श्री राम का भावुक विलाप।
- हनुमान जी की भक्ति: संजीवनी बूटी की खोज में द्रोणागिरी पर्वत उठाने का मनमोहक दृश्य।
- सुलोचना का सतीत्व: पतिव्रता धर्म और मर्यादा की पराकाष्ठा का भावपूर्ण मंचन।
- भक्तिमय वातावरण: हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति और जय श्री राम के गगनभेदी जयकारे।
सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में जुटा प्रशासन
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सनातन संस्कृति, धार्मिक मेलों और लोक परंपराओं को दिए जा रहे निरंतर संरक्षण के परिणामस्वरूप जनपद में ऐतिहासिक रामलीला का स्वरूप और अधिक भव्य नजर आ रहा है। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस की पुख्ता सुरक्षा और सुगम यातायात प्रबंधन के कारण श्रद्धालु सपरिवार सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में प्रभु की लीला का आनंद ले रहे हैं।
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