राम मंदिर चढ़ावा से जुड़े कथित मुद्दों को लेकर संसद परिसर में विपक्षी नेताओं के ड्रामे के बीच, प्रशासन ने मामले में त्वरित जांच और पूर्ण पारदर्शिता का आश्वासन दिया है।
संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा से संबंधित आरोपों को लेकर संसद भवन के बाहर जोरदार सियासी हलचल देखने को मिली। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के पहनावे में नजर आए, जबकि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस अनोखे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। विपक्ष ने इस विषय को लेकर सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की।
वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, सरकार और मंदिर ट्रस्ट ने विपक्ष के इन दावों को पूरी तरह से निराधार और राजनीतिक लाभ के लिए किया गया प्रदर्शन बताया है। प्रशासन का कहना है कि राम मंदिर में आने वाले हर एक पैसे का ऑडिट बेहद आधुनिक और सुरक्षित तरीके से किया जाता है।
प्रशासन की मुस्तैदी और कड़े सुरक्षा मानक
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राम भक्तों की आस्था की रक्षा के लिए निम्नलिखित ठोस कदम उठाए गए हैं:
- त्वरित कानूनी कार्रवाई: प्राप्त शिकायतों पर पुलिस प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है।
- डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली: मंदिर में चढ़ावे और दान के हिसाब-किताब के लिए आधुनिक ऑडिटिंग और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- सख्त निगरानी: सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा एजेंसियों के जरिए मंदिर परिसर में दान पेटियों की 24 घंटे निगरानी की जाती है।
आस्था के विषय पर विकास और व्यवस्था पर ध्यान
संसदीय कार्य मंत्रियों और सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि विपक्ष को देश की आस्था से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने से बचना चाहिए। अयोध्या का सर्वांगीण विकास और वहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुगम व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहेगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
(Image Credit: abplive.com)






