देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए PM मोदी का बड़ा फैसला सामने आया है। केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों की दिशा में त्वरित और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एक उच्चस्तरीय (हाई-पावर) टास्क फोर्स का गठन किया है।
छात्रों के हित में केंद्र सरकार का निर्णायक कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, सुगम और त्रुटिहीन बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं की लगन और मेहनत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इस संबंध में वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, गठित की गई यह विशेष टास्क फोर्स राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) समेत अन्य प्रमुख परीक्षा निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और तकनीक-संचालित बनाएगी।
कौन-कौन हैं इस हाई पावर टास्क फोर्स में शामिल?
परीक्षा सुधारों को व्यावहारिक और अभेद्य रूप देने के लिए देश के शीर्ष विशेषज्ञों, प्रशासनिक अनुभव वाले दिग्गजों और तकनीकी विशेषज्ञों को इस टास्क फोर्स का हिस्सा बनाया गया है:
- वरिष्ठ शिक्षाविद एवं पूर्व इसरो प्रमुख: टास्क फोर्स की कमान देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के हाथों में सौंपी गई है।
- आईआईटी और एनआईआईटी के निदेशक: डेटा सुरक्षा और डिजिटल परीक्षा ढाँचे को मजबूत करने के लिए शीर्ष तकनीकी संस्थानों के प्रमुखों को शामिल किया गया है।
- साइबर सुरक्षा और आईटी विशेषज्ञ: प्रश्नपत्रों के डिजिटल संरक्षण और सिस्टम को हैकिंग-मुक्त बनाने हेतु देश के अग्रणी साइबर एक्सपर्ट्स।
- पूर्व प्रशासनिक अधिकारी: परीक्षा केंद्रों की निगरानी, लॉजिस्टिक्स सुधार और एसओपी (SOP) के कड़ाई से पालन के लिए अनुभवी प्रशासक।
भविष्योन्मुखी ढांचा और पारदर्शी व्यवस्था
यह हाई-पावर कमेटी मुख्य रूप से डेटा सुरक्षा, प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया, परीक्षा केंद्रों के चयन के सख्त मानक और परीक्षार्थियों के लिए शिकायत निवारण प्रणाली को बेहद सुगम बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। सरकार की इस त्वरित पहल से न केवल परीक्षा प्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन आएगा, बल्कि देश के करोड़ों अभ्यर्थियों में विश्वास का नया संचार होगा।
(Image Credit: abplive.com)






