जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि दर्ज किए जाने के बाद भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजौरी और सांबा जिलों में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण दुश्मन की किसी भी बड़ी साजिश को नाकाम करने के लिए पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।
सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई और कड़ा पहरा
सीमा पार से लगातार होने वाली घुसपैठ और हथियारों की तस्करी की कोशिशों पर केंद्र सरकार और भारतीय सेना की पैनी नजर है। बीती रात जैसे ही सांबा और राजौरी के आसमान में एक अज्ञात चमकती हुई चीज यानी संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन को मंडराते देखा गया, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारतीय सेना के जवानों ने तुरंत जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर भाग खड़ा हुआ।
घटना के तुरंत बाद, प्रशासनिक और सैन्य आलाधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक और आधुनिक रडार प्रणालियों को सक्रिय कर दिया गया है।
राजौरी और सांबा में सघन सर्च ऑपरेशन
सुरक्षा बलों का मानना है कि ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार, विस्फोटक या नशीले पदार्थ (ड्रग्स) गिराए जाने की आशंका हो सकती है। इस चुनौती से निपटने के लिए सेना और पुलिस की संयुक्त टीमें जमीन पर गहन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं।
- संयुक्त तलाशी अभियान: भारतीय सेना, बीएसएफ (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान मिलकर जंगलों और रिहाइशी इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
- आधुनिक उपकरणों का उपयोग: संदिग्ध वस्तु या खेप को ढूंढने के लिए स्निफर डॉग्स, मेटल डिटेक्टर्स और नाइट-विजन ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है।
- नाकेबंदी और अलर्ट: राजौरी और सांबा के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ा पहरा लगा दिया गया है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व इसका फायदा न उठा सके।
मजबूत सुरक्षा चक्र और सरकार की कटिबद्धता
हाल के वर्षों में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सीमा सुरक्षा बुनियादी ढांचे को अत्यधिक मजबूत किया है। सीमाओं पर आधुनिक फेंसिंग, सीसीटीवी निगरानी और हाई-टेक एंटी-ड्रोन गन की तैनाती के कारण दुश्मन की हर नापाक हरकत समय रहते पकड़ में आ रही है। स्थानीय निवासियों ने भी सेना की त्वरित प्रतिक्रिया और चौकसी पर संतोष व्यक्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है और नागरिकों को घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।
(Image Credit: abplive.com)






