जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अमेरिकी रणनीतिकार सर्जियो गोर की हालिया मुलाकात पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर ही वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आए हैं।
श्रीनगर में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने सार्वजनिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों के साथ इस तरह के संवाद के औचित्य और समय को लेकर पार्टी नेतृत्व से स्पष्टीकरण की मांग की है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे संवाद वैश्विक मंच पर कश्मीर की बदलती और सकारात्मक तस्वीर को रेखांकित करते हैं।
मुलाकात को लेकर क्यों शुरू हुई सियासी चर्चा?
वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले अमेरिकी प्रकाशक और रणनीतिकार सर्जियो गोर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ उनकी शिष्टाचार बैठक हुई। इस बैठक के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद रूहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के कूटनीतिक संवाद के पीछे का एजेंडा स्पष्ट होना चाहिए।
बैठक से जुड़े प्रमुख बिंदु
- अमेरिकी नेता की यात्रा: सर्जियो गोर की कश्मीर यात्रा और प्रशासनिक नेतृत्व से संवाद को घाटी में सामान्य होते हालातों के रूप में देखा जा रहा है।
- पार्टी के भीतर प्रतिक्रिया: सांसद आगा रूहुल्लाह ने इसे पार्टी की पारंपरिक नीतियों के संदर्भ में ‘अनावश्यक कदम’ करार दिया।
- प्रशासनिक रुख: मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इसे एक सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया गया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में निवेश और पर्यटन के सकारात्मक माहौल को साझा करना था।
कश्मीर में स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संवाद का नया दौर
केंद्र सरकार की नीतियों और विकासोन्मुख विजन के चलते जम्मू-कश्मीर आज शांति और प्रगति के नए पथ पर अग्रसर है। सुरक्षा व्यवस्था में आए ऐतिहासिक सुधार और पर्यटकों के भारी आगमन ने वैश्विक स्तर पर घाटी की छवि को बदला है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और विचारकों की ऐसी यात्राएं यह दर्शाती हैं कि कश्मीर अब वैश्विक पटल पर विकास और सहयोग के नए अवसरों के लिए तैयार हो चुका है, जिसे राजनीतिक बयानबाजियों से परे रखकर देखा जाना चाहिए।
(Image Credit: abplive.com)






