ममता बनर्जी ने संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए पूछा कि क्या लोकतंत्र में असहमति जताना अब अपराध है? वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित इस शांतिपूर्ण मार्च पर पुलिसिया कार्रवाई के बाद देश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है।
ममता बनर्जी का तीखा हमला: ‘लोकतंत्र की आवाज को दबाया जा रहा है’
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर चौतरफा निशाना साधते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर भारतीय नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ममता बनर्जी ने कहा, “अगर जनता अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरती है, तो उन पर बर्बरता से लाठियां बरसाना कहां का न्याय है? क्या अपनी बात रखना और असहमति जताना अब इस देश में सबसे बड़ा अपराध घोषित कर दिया गया है?”
संसद मार्च के दौरान आखिर क्या हुआ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली में एक विशाल संसद मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया और आगे बढ़ने की कोशिश करने पर उन पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कर दिया। इस झड़प में कई प्रदर्शनकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।
ममता बनर्जी ने इस पूरी घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के तानाशाही रवैये से जनता की उठती हुई आवाज को दबाया नहीं जा सकता और इस दमनकारी नीति का डटकर मुकाबला किया जाएगा।
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु और बड़ी बातें:
- प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई: संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया।
- विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया: ममता बनर्जी सहित कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने इस घटना को तानाशाही का जीवंत उदाहरण बताया है।
- लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल: विपक्ष ने पूछा कि क्या शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार भी अब सुरक्षित नहीं है?
इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है। विपक्षी दल अब एकजुट होकर इस पुलिसिया कार्रवाई की चौतरफा निंदा कर रहे हैं और इस मामले पर संसद में भी हंगामा होने के पूरे आसार दिखाई दे रहे हैं।
(Image Credit: abplive.com)






