यूपी लेखपाल भर्ती विवाद: वेबसाइट क्रैश होने से हजारों अभ्यर्थी आवेदन से वंचित, मामला पहुंचा कोर्ट

यूपी लेखपाल भर्ती विवाद: वेबसाइट क्रैश होने से हजारों अभ्यर्थी आवेदन से वंचित, मामला पहुंचा कोर्ट

उत्तर प्रदेश में लेखपाल भर्ती को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भर्ती के लिए जारी आवेदन प्रक्रिया के दौरान आयोग की वेबसाइट क्रैश होने का मामला सामने आया है, जिसके कारण हजारों अभ्यर्थी समय रहते अपना आवेदन पूरा नहीं कर पाए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि अंतिम तारीख से ठीक पहले वेबसाइट का सर्वर डाउन हो गया, जिससे फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया बाधित हो गई। कई छात्रों का यह भी कहना है कि आवेदन शुल्क का भुगतान करने के बावजूद उनका फॉर्म सबमिट नहीं हो पाया। अब इस मामले को लेकर अभ्यर्थियों ने न्याय की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

लेखपाल भर्ती ऑनलाइन फॉर्म भरते समय वेबसाइट सर्वर एरर दिखाता लैपटॉप स्क्रीन

दरअसल, लंबे समय बाद उत्तर प्रदेश में लेखपाल पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी। करीब पांच साल के अंतराल के बाद आई इस भर्ती से लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी की उम्मीद जगी थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने तैयारी की और आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही फॉर्म भरना शुरू कर दिया। लेकिन अंतिम दिनों में वेबसाइट पर तकनीकी समस्याएं सामने आने लगीं, जिससे अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि आवेदन की अंतिम तारीख से ठीक पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट का सर्वर पूरी तरह से ठप हो गया। छात्रों के मुताबिक 26 जनवरी के बाद से ही वेबसाइट पर लगातार तकनीकी दिक्कतें आने लगी थीं। कई बार वेबसाइट खुल ही नहीं रही थी, तो कभी पेज बार-बार एरर दिखा रहा था। 27 और 28 जनवरी को स्थिति और खराब हो गई, जब बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने बताया कि वेबसाइट पूरी तरह क्रैश हो गई और आवेदन प्रक्रिया रुक गई।

कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने दिन-रात कोशिश की, लेकिन वेबसाइट खुलने का नाम ही नहीं ले रही थी। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने आवेदन शुल्क जमा करने की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की, लेकिन भुगतान फेल हो गया या ट्रांजैक्शन अटक गया। ऐसे में उनका फॉर्म अधूरा रह गया और वे आवेदन नहीं कर सके।

एक अभ्यर्थी ने दावा किया कि सिर्फ वही नहीं बल्कि हजारों छात्र इस समस्या से प्रभावित हुए हैं। उसका कहना है कि उसके पास ऐसे पांच से सात हजार अभ्यर्थियों की जानकारी और स्क्रीनशॉट मौजूद हैं, जिनका आवेदन वेबसाइट की तकनीकी समस्या के कारण पूरा नहीं हो सका। छात्रों का आरोप है कि यह पूरी तरह सिस्टम की बड़ी विफलता है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

परेशान अभ्यर्थियों ने शुरुआत में आयोग और सरकार से इस समस्या की शिकायत की। कई छात्रों ने सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी परेशानी साझा की और आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि जब तकनीकी कारणों से वेबसाइट काम नहीं कर रही थी, तो अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए था ताकि वे अपना आवेदन पूरा कर सकें।

लेखपाल भर्ती के आवेदन में तकनीकी समस्या के विरोध में प्रदर्शन करते अभ्यर्थी

हालांकि छात्रों का आरोप है कि उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद कई अभ्यर्थियों ने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया और इस मामले को अदालत तक पहुंचाया। अब यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि कोर्ट उनके पक्ष में फैसला देते हुए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने या दोबारा आवेदन का मौका देने का आदेश दे सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान वेबसाइट की तकनीकी क्षमता मजबूत होना बेहद जरूरी है। लाखों उम्मीदवार एक साथ आवेदन करते हैं, ऐसे में सर्वर पर भारी लोड पड़ता है। यदि सिस्टम मजबूत नहीं हो तो वेबसाइट क्रैश होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

फिलहाल यूपी लेखपाल भर्ती से जुड़ा यह विवाद तेजी से चर्चा में है। हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदें इस भर्ती से जुड़ी हुई हैं और वे चाहते हैं कि उन्हें निष्पक्ष तरीके से आवेदन का अवसर मिले। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर टिकी हुई है। यदि कोर्ट छात्रों की मांग को उचित मानता है, तो संभव है कि आवेदन प्रक्रिया को लेकर आयोग को नई व्यवस्था या अतिरिक्त समय देने का निर्देश दिया जाए।

इस पूरे घटनाक्रम ने भर्ती प्रक्रियाओं में तकनीकी व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आयोग को अपनी ऑनलाइन प्रणाली को और मजबूत बनाना होगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top