UP Mousam  Update: साल बदला पर ठंड का मिजाज नहीं! घने कोहरे को लेकर इन 30 से ज्यादा जिलों में चेतावनी जारी

 


UP Mousam  Update: साल बदला पर ठंड का मिजाज नहीं! घने कोहरे को लेकर इन 30 से ज्यादा जिलों में चेतावनी जारी
Meerut–Ghaziabad सहित कई जिलों में येलो अलर्ट, जानें कैसा रहेगा मौसम

नया साल आ चुका है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ठंड का सितम फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटे राज्य के कई जिलों में घने कोहरे और शीतलहर के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, झांसी, बरेली, लखनऊ और कानपुर सहित 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाने और विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे गिरने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही तापमान में भी गिरावट जारी रहेगी, जिसके कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठिठुरन और शीतलहर का दौर बना रहेगा।

मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इसका अर्थ है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि घना कोहरा सड़क यातायात और रेल–हवाई सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। सुबह और देर रात के समय कोहरे की परत इतनी घनी हो सकती है कि वाहन चालकों के लिए आगे का रास्ता तक देखना मुश्किल हो जाए।

कोहरे की परत, रात में तापमान में लगातार गिरावट के कारण शीत लहर का प्रभाव;

कई जिलों में विजिबिलिटी 10–50 मीटर तक गिरने की संभावना

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में कोहरा अधिक घना रहेगा। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर जैसे जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने की आशंका है। वहीं केंद्रीय और बुंदेलखंड के जिलों जैसे झांसी, जालौन, बांदा और चित्रकूट में भी कोहरे के साथ कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार हैं।

कई जगहों पर विजिबिलिटी 10–50 मीटर तक गिर सकती है, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। रेल यातायात भी प्रभावित हो सकता है, और कई ट्रेनों के लेट चलने की आशंका है। हवाई उड़ानों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

पारा तेजी से नीचे, हाड़ कंपा देने वाली सर्दी

दिन में धूप न निकलने और रात में तापमान में लगातार गिरावट के कारण शीतलहर का प्रभाव बढ़ गया है। राज्य के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर पारा इससे भी नीचे चला गया है। पहाड़ी राज्यों से आ रही बर्फीली हवाएं मैदानों में सर्दी को और बढ़ा रही हैं।

लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे जिलों में भी सुबह–शाम ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी कुछ दिनों तक पारा सामान्य से नीचे ही रहने वाला है।

दिन में भी सर्दी से राहत नहीं

आमतौर पर लोग दिन में धूप निकलने का इंतजार करते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बादल, धुंध और कोहरे के कारण दिन में भी तापमान में खास सुधार नहीं हो पा रहा है। सुबह की धुंध दोपहर तक बनी रहती है, जिसके कारण ठंड और ठिठुरन लगातार महसूस की जा रही है। बुजुर्गों और बच्चों पर इसका असर अधिक दिखाई दे रहा है।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और निकलें तो पूरी तैयारी के साथ। गर्म कपड़े, दस्ताने, टोपी और मफलर जरूर पहनें। इसके अलावा गुनगुना पानी पीते रहें और ठंडी चीजों से परहेज करें।

किसानों और गरीब तबके पर असर

कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। धान कटाई के बाद गेहूं और सब्जी की फसलें खड़ी हैं, जिन पर लगातार पड़ने वाली ठंड और ओस की परतों के कारण नुकसान की आशंका बढ़ गई है। कई जगहों पर आलू, मटर और हरी सब्जियों पर कोहरे और पाला जमने के असर की शिकायतें सामने आई हैं।

वहीं खुले आसमान के नीचे या सड़क किनारे रहने वाले गरीब और असहाय लोगों के लिए यह ठंड और भी खतरनाक साबित हो सकती है। प्रशासन ने कई जिलों में रैन बसेरे और अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में इनकी कमी महसूस की जा रही है।

स्कूल–कॉलेजों के समय में बदलाव संभव

कुछ जिलों में जिलाधिकारी ने स्कूलों के समय में बदलाव के संकेत दिए हैं। जहां ठंड का असर ज्यादा है, वहां छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टियां बढ़ाने या शीतकालीन अवकाश का विस्तार करने पर भी विचार किया जा रहा है। अभिभावकों से अपील की गई है कि बच्चे पूरी तरह गर्म कपड़ों में स्कूल भेजें।

अगले 24 घंटे का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह घना कोहरा, ठंडी हवाएं और शीतलहर जारी रहेगी। दोपहर में हल्की धूप निकलने की संभावना है, लेकिन सर्दी से बहुत अधिक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। शाम होते ही दोबारा कोहरा छा सकता है और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

सावधानी बरतें, सुरक्षित रहें

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है:

  • अनावश्यक यात्रा से बचें
  • वाहन चलाते समय लो–बीम हेडलाइट का उपयोग करें
  • तेज रफ्तार से ड्राइव न करें
  • बुजुर्ग और बच्चे ठंड से बचाव करें
  • अलाव जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखें

साल बदल चुका है, लेकिन सर्दी का मिजाज अभी उसी रफ्तार पर कायम है। ऐसे में सतर्क रहना और सावधानी बरतना ही सबसे बेहतर तरीका है।


 

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