10वीं की छात्रा पर जानलेवा हमला करने वाले कुख्यात आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद धर दबोचा है। घने जंगलों में छिपे इस शातिर अपराधी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर एक बार फिर जमीन पर देखने को मिला है। स्थानीय सूत्रों और वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, स्कूल जा रही 10वीं की छात्रा पर आरी से हमला करने की कायराना वारदात के बाद इलाके में भारी आक्रोश था। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कई विशेष पुलिस टीमों का गठन किया और आरोपी की घेराबंदी शुरू कर दी।
जंगल में छिपे आरोपी ने की फायरिंग, पुलिस ने दिया मुंहतोड़ जवाब
पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि मासूम छात्रा पर हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए नजदीकी घने जंगल में छिपा हुआ है। स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस ने जब जंगल की घेराबंदी की, तो खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस बल ने अदम्य साहस दिखाते हुए आत्मरक्षा में संतुलित जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की एक गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। जवानों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उसे दबोच लिया और उसके पास से अवैध असलहा व धारदार हथियार बरामद किया। घायल आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ से जुड़े मुख्य बिंदु:
- त्वरित कार्रवाई: वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपी को किया ट्रैक।
- मुठभेड़ स्थल: आरोपी घने जंगलों में भागने की फिराक में था, जहां पुलिस ने उसे घेरा।
- बरामदगी: आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद।
- अस्पताल में भर्ती: पैर में गोली लगने से घायल आरोपी का पुलिस अभिरक्षा में इलाज जारी।
नारी सुरक्षा सर्वोपरि: प्रशासन का कड़ा संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार के स्पष्ट निर्देशों के तहत प्रदेश भर में असामाजिक तत्वों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। जहां एक ओर विपक्ष इसे सामान्य अपराध के चश्मे से देख रहा है, वहीं शासन की त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी संगीन हो, पुलिस तंत्र अपराधियों को पाताल से भी खोज निकालने में सक्षम है।
पीड़िता का इलाज बेहतर डॉक्टरों की देखरेख में जारी है और उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्रशासन ने पीड़िता के परिवार को हर संभव चिकित्सकीय और कानूनी सहायता का पूर्ण भरोसा दिलाया है।
(Image Credit: abplive.com)





