ओडिशा में उफनती नदियों के बीच घिरे दुर्लभ काले हिरण, वन्यजीवों की सुरक्षा में मुस्तैद हुआ प्रशासन

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ओडिशा में आई भीषण बाढ़ से दुर्लभ काले हिरणों (कृष्णमृग) के प्राकृतिक पर्यावास पर गंभीर संकट मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से व्यापक सुरक्षा अभियान छेड़ दिया है।

ओडिशा के तटीय और संवेदनशील इलाकों में जलस्तर बढ़ने के साथ ही संकटग्रस्त काले हिरणों (Blackbucks) के जीवन पर खतरा पैदा हो गया है। मौसम के मिजाज और ‘अर्नब’ जैसी मौसमी आपदा के प्रभाव से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और वन्यजीव संरक्षक पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुके हैं। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, संवेदनशील क्षेत्रों में वन्यजीवों की निगरानी के लिए विशेष रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से वन्य संपदा को सुरक्षित रखा जा सके।

वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उठाए गए ठोस कदम

बाढ़ की इस प्राकृतिक चुनौती को अवसर में बदलते हुए सरकार ने आधुनिक संसाधनों और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इन दुर्लभ काले हिरणों को ऊंचे और सुरक्षित टीलों तक पहुंचाना है:

  • ड्रोन कैमरों से मैपिंग: जलमग्न क्षेत्रों में फंसे हिरणों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए हवाई निगरानी की जा रही है।
  • कृत्रिम टीलों का निर्माण: गंजम और आसपास के प्रसिद्ध शरणस्थलों में जानवरों के विश्राम के लिए पूर्व नियोजित ऊंचे मिट्टी के टीले बनाए गए हैं।
  • तत्काल चारा और स्वास्थ्य सेवा: वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (QRT) बाढ़ प्रभावित हिस्सों में स्वच्छ पेयजल, चारा और दवाइयां पहुंचाने में जुटी हैं।
  • स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग: प्रशासन ने स्थानीय स्वयंसेवकों को जोड़कर एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार किया है, जिससे शिकार और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

चुनौतियों के बीच समाधानोन्मुख प्रशासन

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न यह मौसमी चुनौती बेहद जटिल है, लेकिन राज्य सरकार की पूर्व तैयारियों और त्वरित आपदा प्रबंधन (ODRF व वन अमला) ने स्थिति को काफी हद तक नियंत्रण में रखा है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित कर दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद जैव विविधता और अनमोल कृष्णमृगों की रक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, राहत एवं बचाव का यह सघन अभियान अनवरत जारी रहेगा।

(Image Credit: abplive.com)

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