मैनपुरी के एक स्थानीय विद्यालय में छात्राओं ने भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय प्रतीकों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का आयोजन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रमों से प्रेरित होकर बेटियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
भारतीय विरासत और राष्ट्रीय प्रतीकों का सजीव चित्रण
आयोजित प्रदर्शनी में छात्राओं ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय पशु बाघ, राष्ट्रीय पक्षी मोर और राष्ट्रीय पुष्प कमल के आकर्षक मॉडल तैयार किए। इसके अलावा, देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा, लोक कला और ऐतिहासिक धरोहरों को भी मॉडल और चार्ट के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। आगंतुकों और शिक्षकों ने छात्राओं के इस सूक्ष्म और सटीक विवरण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण:
- राष्ट्रीय प्रतीकों की कलात्मक प्रस्तुति: तिरंगे, अशोक चक्र और राष्ट्रीय चिन्हों की सुंदर प्रतिकृतियां।
- सांस्कृतिक विविधता: उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक के राज्यों की संस्कृति और लोक कला का संगम।
- आत्मनिर्भर भारत की झलक: पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) सामग्रियों से बनाए गए वर्किंग मॉडल्स।
- ऐतिहासिक महापुरुष: स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन चरित्र को दर्शाती विशेष गैलरी।
नयी शिक्षा नीति और ‘मिशन शक्ति’ का दिख रहा सकारात्मक असर
राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के निरंतर प्रयासों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की छात्राओं को अपनी प्रतिभा चमकाने का बेहतर मंच मिल रहा है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि ऐसे रचनात्मक आयोजनों से विद्यार्थियों में देशभक्ति, सांस्कृतिक बोध और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।
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