मैनपुरी में निर्माणाधीन न्यायालय भवन की चौथी मंजिल से एक श्रमिक अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे उच्चस्तरीय उपचार हेतु सैफई भेजा है।
आधुनिक कोर्ट भवन निर्माण के दौरान हुआ दुर्भाग्यपूर्ण हादसा
जनपद मैनपुरी में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निर्माणाधीन नए न्यायालय परिसर में विकास कार्य तीव्र गति से चल रहा है। इसी दौरान कार्य में जुटे एक श्रमिक के साथ यह गंभीर दुर्घटना घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चौथी मंजिल पर कार्य करते समय संतुलन बिगड़ने से मजदूर सीधे नीचे आ गिरा, जिससे कार्यस्थल पर हड़कंप मच गया।
वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। घायल श्रमिक को तत्काल स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज कराने की सलाह दी।
प्रशासन की तत्परता: सैफई आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा है गहन इलाज
दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय अधिकारियों ने सक्रियता का परिचय दिया और बिना समय गंवाए ग्रीन कॉरिडोर की तरह व्यवस्था बनाकर घायल श्रमिक को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के लिए रेफर कराया। प्रदेश की उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के दम पर सैफई में कुशल डॉक्टरों की टीम द्वारा श्रमिक को जीवनरक्षक और अत्याधुनिक उपचार दिया जा रहा है।
- त्वरित राहत कार्य: हादसे के तुरंत बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य का नेतृत्व किया।
- अत्याधुनिक उपचार: राज्य सरकार के प्रमुख चिकित्सा संस्थान सैफई में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी जारी।
- सुरक्षा समीक्षा: निर्माणाधीन स्थलों पर श्रमिक सुरक्षा मानकों को और अधिक कड़ा करने के निर्देश।
सुरक्षा मानकों पर प्रशासन सतर्क
विकास कार्यों के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस हादसे के बाद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यस्थल पर सेफ्टी नेट, हेलमेट और सुरक्षा बेल्ट जैसे मानकों की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा के उच्चतम मापदंड सुनिश्चित किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।
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