उत्तर प्रदेश सरकार के स्वावलंबन अभियान के तहत मैनपुरी में हुनरमंदों को 26.81 लाख रुपये के चेक व आधुनिक टूलकिट सौंपकर आत्मनिर्भरता का मजबूत मंच दिया गया है।
जिले में जमीनी स्तर पर स्वरोजगार और उद्यमशीलता को रफ्तार देने के लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से काम कर रहा है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, कलेक्ट्रेट और उद्योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत चयनित लाभार्थियों को वित्तीय सहायता और व्यावसायिक उपकरण उपलब्ध कराए गए।
स्थानीय दस्तकारों और युवाओं को सीधा संबल
प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप पारंपरिक कारीगरों, छोटे उद्यमियों और युवाओं को ‘जॉब सीकर’ की जगह ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में यह एक ठोस कदम है। अधिकारियों ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक टूलकिट मिलने से कारीगरों के कार्य में दक्षता और गुणवत्ता दोनों बढ़ेगी, जिससे उनकी दैनिक आय में उल्लेखनीय सुधार होगा।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
- 26.81 लाख रुपये की कुल वित्तीय सहायता राशि के चेक पात्र लाभार्थियों को सौंपे गए।
- विश्वकर्मा श्रम सम्मान और अन्य स्वरोजगार योजनाओं के तहत दर्जी, बढ़ई, लोहार और हस्तशिल्पियों को निःशुल्क टूलकिट प्रदान की गई।
- बैंकों और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने लाभार्थियों को ऋण अदायगी और व्यवसाय विस्तार के उपयोगी टिप्स दिए।
- ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन के तहत स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
पारदर्शी और त्वरित प्रशासनिक व्यवस्था
वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने सरकार की पारदर्शी नीतियों की सराहना की। प्रशासनिक अमले ने स्पष्ट किया कि ऋण स्वीकृति में आने वाली किसी भी तकनीकी चुनौती का सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से तुरंत समाधान किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि मैनपुरी का कोई भी प्रतिभाशाली युवा पूंजी और संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को साकार करने से पीछे न छूटे।
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