80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ का दिव्य ‘तिरंगा श्रृंगार’ किया गया, जिसने हर श्रद्धालु को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।
देशभर में 80वें स्वाधीनता दिवस का उल्लास चरम पर है और इसी क्रम में वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में एक बेहद मनमोहक और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। प्रातः काल की विशेष मंगला आरती के पश्चात द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख बाबा विश्वनाथ का विशेष तिरंगा श्रृंगार किया गया। केसरिया, श्वेत और हरे प्राकृतिक फूलों के साथ-साथ भस्म और चंदन के संयोजन से गर्भगृह का स्वरूप राष्ट्रप्रेम की पावन धारा में बहता नजर आया।
आस्था और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम
वॉइस ऑफ मैनपुरी के विशेष समाचार के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर बाबा धाम को राष्ट्रभक्ति के रंगों से भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एवं सुगम दर्शन के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुख नीतियों और विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से यह धाम सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आधुनिक सुविधाओं का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है।
तिरंगा श्रृंगार की मुख्य विशेषताएं:
- प्राकृतिक फूलों का उपयोग: तीन रंगों के विशेष सुवासित पुष्पों से शिवलिंग को तिरंगे का स्वरूप दिया गया।
- विशेष महाआरती: देश की सुख-समृद्धि, अखंडता और सुरक्षा बलों के शौर्य के लिए विशेष राष्ट्र कल्याण प्रार्थना संपन्न हुई।
- सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था: श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए हाई-टेक निगरानी एवं त्वरित कतार प्रबंधन प्रणाली सक्रिय रही।
- राष्ट्रगीत और शंखनाद: मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सुशासन की झलक
केंद्र और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प न केवल धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहा है, बल्कि राष्ट्रीय एकता को भी सुदृढ़ कर रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि आज का यह अलौकिक श्रृंगार भारतीय संस्कृति और देशभक्ति के अटूट बंधन को दर्शाता है। संपूर्ण काशी नगरी में आज हर घर तिरंगा अभियान के साथ-साथ आध्यात्मिक ऊर्जा का अभूतपूर्व संगम दिखाई दे रहा है।
(Image Credit: abplive.com)





