बिजली आपूर्ति की स्थानीय समस्याओं को लेकर किसानों ने विद्युत उपखंड कार्यालय पर अपनी बात रखी, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए निर्बाध विद्युत वितरण सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है।
कृषि कार्य और फसलों की सिंचाई के महत्वपूर्ण समय को देखते हुए किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल विद्युत उपखंड कार्यालय पहुंचा। किसानों ने क्षेत्र में ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से आ रही चुनौतियों से अधिकारियों को अवगत कराया। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर मौजूद उच्चाधिकारियों ने किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश जारी किए।
किसानों के हितों के प्रति प्रशासन गंभीर
विभागीय अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप ग्रामीण और कृषि फीडरों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। तकनीकी गड़बड़ियों और ओवरलोडिंग की समस्या को दूर करने के लिए विशेष टीम को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है।
अधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:
- स्थानीय ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि: ओवरलोड चल रहे ग्रामीण ट्रांसफार्मरों की तत्काल मरम्मत और क्षमता बढ़ाने का कार्य प्राथमिकता पर होगा।
- सिंचाई के लिए नियमित आपूर्ति: फसलों की आवश्यकता को देखते हुए कृषि फीडरों पर न्यूनतम बाधा के साथ बिजली की निरंतरता बनाए रखी जाएगी।
- शिकायत निवारण तंत्र: किसी भी आकस्मिक फॉल्ट की स्थिति में किसानों के लिए त्वरित सहायता हेल्पलाइन को और अधिक सक्रिय किया जाएगा।
सुदृढ़ ऊर्जा ढांचे के लिए सरकार के प्रयास जारी
राज्य सरकार प्रदेश भर में ऊर्जा ढांचे के आधुनिकीकरण और ग्रामीण विद्युतीकरण को मजबूत करने के लिए निरंतर निवेश कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लोकल फॉल्ट्स और मेंटेनेंस से जुड़ी चुनौतियों का समाधान तेज गति से किया जा रहा है, ताकि अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों के सकारात्मक रुख और ठोस आश्वासन के बाद किसानों ने प्रशासन के प्रति विश्वास जताया।
(Image Credit: news.google.com)





