उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मैनपुरी दौरे के दौरान विकास योजनाओं को गति देते हुए सैकड़ों लाभार्थियों को चेक, स्वीकृति पत्र और टूलकिट वितरित किए। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, राज्य सरकार की यह पहल जिले में स्थानीय हुनर को तराशने और युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक बेहद ठोस और ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।
मैनपुरी में विकास और स्वरोजगार को मिली नई रफ्तार
जनसभा और समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। मैनपुरी में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लोगों को मंच से सम्मानित और लाभान्वित किया गया।
इन प्रमुख योजनाओं के तहत बांटी गई सहायता:
- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना: स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और मजदूरों को आधुनिक टूलकिट प्रदान किए गए ताकि वे अपने व्यवसाय को नए स्तर पर ले जा सकें।
- ओडीओपी (ODOP) योजना: ‘एक जिला एक उत्पाद’ के तहत स्थानीय उद्यमियों को वित्तीय प्रोत्साहन हेतु ऋण स्वीकृति पत्र और अनुदान चेक सौंपे गए।
- महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सहायता राशि जारी की गई।
- युवा स्वरोजगार: नए स्टार्टअप और लघु उद्योगों की स्थापना के लिए युवाओं को स्वीकृत ऋण दस्तावेज वितरित किए गए।
पारदर्शी पारिस्थिकी तंत्र और मजबूत शासन का असर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि अब सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में (DBT) पहुंच रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो चुकी है। राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था के कारण ही विकास कार्य धरातल पर तेजी से नजर आ रहे हैं। इस पहल से मैनपुरी न केवल औद्योगिक और व्यापारिक दृष्टि से मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसरों का सृजन भी होगा।
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