CBSE ने CTET 2026 के दो केंद्रों पर Paper-2 परीक्षा रद्द की, पुन: परीक्षा की घोषणा जल्द करेगी
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हाल ही में Central Teacher Eligibility Test (CTET) 2026 के Paper-2 को दो परीक्षा केंद्रों पर रद्द (Cancelled) करने का आधिकारिक निर्णय जारी किया है। यह फैसला उन केंद्रों पर परीक्षा संचालन में उत्पन्न व्यवधानों के कारण लिया गया, जहां प्रश्न पत्रों के देर से पहुँचने की वजह से परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी और परीक्षार्थियों में असंतोष फैल गया।
CBSE के अनुसार, प्रभावित उम्मीदवारों के लिए जल्द ही पुनः परीक्षा (Re-examination) की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि रद्द की गई परीक्षाओं के लिए नया शेड्यूल 15 दिनों के भीतर घोषित किया जाएगा, ताकि पात्र उम्मीदवार बिना किसी और व्यवधान के अपनी पात्रता परीक्षा पूरा कर सकें।

CTET 2026 की पृष्ठभूमि और महत्व
CTET भारत में शिक्षण पेशे में प्रवेश के लिए एक मानकीकृत पात्रता परीक्षा है, जिसे CBSE द्वारा आयोजित किया जाता है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना उन उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है, जो प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर शिक्षक बनने की इच्छा रखते हैं। CTET परीक्षा मुख्य रूप से दो पेपर्स में विभाजित होती है:
- Paper-1: प्राथमिक स्तर (Class I-V)
- Paper-2: माध्यमिक स्तर (Class VI-VIII)
CBSE द्वारा आयोजित इस परीक्षा में हर वर्ष लाखों उम्मीदवार भाग लेते हैं और इसकी तैयारी में कई महीनों का अध्ययन तथा अभ्यास शामिल होता है।
परीक्षा रद्द होने का कारण और घटना का क्रम
CBSE के अधिकारियों ने बताया कि दोनों प्रभावित केंद्रों पर प्रश्न पत्र किफ़ायती समय पर नहीं पहुँचे, जिससे परीक्षा समय से लगभग एक से डेढ़ घंटे देर से शुरू हो सकी। परीक्षार्थियों के अनुसार:
- प्रश्न पत्र निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं थे।
- इसके परिणामस्वरूप काफ़ी छात्रों में असंतोष और तनाव फैल गया।
- कई उम्मीदवारों ने परीक्षा हॉल से बाहर निकलकर विरोध दर्ज कराया।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल को स्थिति को नियंत्रित करने और छात्रों तथा अधिकारियों के बीच शांति बनाए रखने के लिए तैनात किया गया। CBSE ने इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दो केंद्रों पर परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। (
प्रभाव और परीक्षार्थियों की चिंता
CTET जैसे महत्त्वपूर्ण परीक्षा के रद्द होने से परीक्षार्थियों में निराशा और चिंता की स्थिति उत्पन्न हुई है। कई उम्मीदवारों ने कहा कि उन्होंने महीनों कठिन अध्ययन और तैयारी में बिताए हैं, और अचानक परीक्षा रद्द होने से उनके मानसिक तनाव और भविष्य की योजना प्रभावित हुई है। इस संदर्भ में कुछ मुख्य प्रभाव निम्नलिखित हैं:
- समय की हानि: उम्मीदवारों ने परीक्षा की तैयारी के लिए पहले से समय और संसाधन निवेश किया था।
- अंतरिम अनिश्चितता: नए शेड्यूल और परिणाम की घोषणा न होने के कारण उम्मीदवारों में अनिश्चितता बनी हुई है।
- न्यायपूर्ण अवसर की उम्मीद: परीक्षार्थी चाहते हैं कि पुनः परीक्षा निष्पक्ष ढंग से आयोजित हैं,
CBSE ने सभी प्रभावित उम्मीदवारों को आश्वस्त किया है कि पुनः परीक्षा निष्पक्ष तरीके से और उचित प्रशासनिक व्यवस्था के साथ आयोजित होगी। इसके अलावा, बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा में कोई भी उम्मीदवार अनुचित लाभ नहीं उठा पाएगा और सभी को समान अवसर मिलेगा।
CBSE की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति
CBSE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रेस बयान में कहा:
“हम उन केंद्रों पर CTET Paper-2 परीक्षा रद्द करने के लिए मजबूर हुए, जहाँ अनियोजित देरी और प्रश्न पत्र वितरण में समस्याओं के कारण परीक्षा सुचारू ढंग से नहीं हो सकी। बोर्ड प्रभावित उम्मीदवारों के लिए शीघ्र ही पुनः परीक्षा आयोजित करेगा।
बोर्ड अब यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहा है कि नई परीक्षा प्रश्न पत्र वितरण, उपस्थित प्रबंध और समय पालन जैसे महत्वपूर्ण कारकों पर विशेष ध्यान देगा। इसके अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और निगरानी का स्तर भी बढ़ाया जाएगा ताकि इस तरह की दिक्कतें भविष्य में न दोबारा सामने आएं।विश्लेषण: क्या यह परीक्षा रद्दीकरण एक isolated घटना है?
CTET या किसी भी राष्ट्रीय स्तर परीक्षा में रद्दीकरण की घटना दुर्लभ है, लेकिन पूर्णतः अनदेखी भी नहीं की जा सकती। पिछले वर्षों में प्रश्न पत्र लीक, प्रशासनिक त्रुटियाँ, या वितरण में देरी जैसी घटनाओं के कारण परीक्षा रद्द या संशोधित शेड्यूल पर आयोजित की गई हैं। भारत में परीक्षा अधिकारियों और उम्मीदवारों के लिए उचित प्रक्रिया और तकनीकी सहायता सुनिश्चित करना लगातार चुनौतीपूर्ण रहा है।
इसीलिए विशेषज्ञों का मानना है कि:
- प्रशासनिक प्रक्रियाओं में और सुधार की आवश्यकता है।
- लॉजिस्टिक टीमों को समय-बद्ध वितरण सुनिश्चित करना चाहिए।
- सभी केंद्रों पर तकनीकी निगरानी को बढ़ाया जाना चाहिए।
इन उपायों से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
CBSE द्वारा CTET 2026 Paper-2 परीक्षा के दो केंद्रों पर रद्दीकरण का निर्णय एक महत्वपूर्ण शिक्षा समाचार है, जिसने लाखों उम्मीदवारों को प्रभावित किया है। रद्दीकरण के मुख्य कारण प्रश्न पत्र वितरण में देरी और छात्रों के असंतोषपूर्ण अनुभव रहे हैं। प्रभावित उम्मीदवारों के लिए पुनः परीक्षा की घोषणा जल्द की जाएगी, जिससे उन्हें एक और मौका मिलेगा।
यह घटना CTET परीक्षा की गंभीरता और परीक्षा प्रबंधन में सुधार की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है। परीक्षार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की निगाह अब CBSE के अगले कदम पर टिकी हुई है, यह देखने के लिए कि बोर्ड इस चुनौतीपूर्ण स्थिति का समाधान कैसे करेगा।



