साल 2026 शुरू होते ही उस्मान ख्वाजा ने किया रिटायरमेंट का ऐलान, बोले- भाग्यशाली हूं कि इतने मैच खेले
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के अनुभवी ओपनिंग बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने नया साल शुरू होते ही इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि इंग्लैंड के खिलाफ एशेज 2025-26 का आखिरी टेस्ट मुकाबला, जो 4 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा, वही उनके करियर का अंतिम इंटरनेशनल मैच होगा।
• सिडनी टेस्ट होगा आखिरी इंटरनेशनल मैच
• 2011 में सिडनी पर ही किया था इंटरनेशनल डेब्यू
• फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे थे ख्वाजा
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है, जिसमें उस्मान ख्वाजा का भी नाम शामिल है। एशेज सीरीज के दौरान वह लगातार अपनी फिटनेस समस्याओं से परेशान रहे और इसी बीच उन्होंने 2 जनवरी को रिटायरमेंट का बड़ा फैसला ले लिया।
2011 में सिडनी से शुरू हुआ था सफर
ख्वाजा के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत भी सिडनी क्रिकेट ग्राउंड से ही हुई थी। उन्होंने साल 2011 में अपना पहला टेस्ट मैच इसी मैदान पर खेला था। अब एक बार फिर इसी मैदान पर वह अपना करियर खत्म करेंगे, जो उनकी क्रिकेट यात्रा को एक भावनात्मक अंत देता है।

• पहला और आखिरी इंटरनेशनल मैच सिडनी में ही
• 13 साल के करियर में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेले कई यादगार पारियां
रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए उस्मान ख्वाजा ने भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने करियर से बेहद संतुष्ट हैं और खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के लिए इतने मैच खेलने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा:
• “मैं पाकिस्तान से आता हूं और लोगों ने कहा था कि मैं कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेल पाऊंगा।”
ख्वाजा ने यह भी स्वीकार किया कि हाल में आई पीठ की चोट और फिटनेस समस्याओं ने उन्हें काफी परेशान किया। इसके अलावा मीडिया और कुछ पूर्व खिलाड़ियों की आलोचनाओं ने भी उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया, जिसके चलते उन्होंने आगे न खेलने का निर्णय लिया।
फिटनेस समस्या बनी बड़ी वजह
एशेज सीरीज के दौरान ख्वाजा अपनी पीठ में दर्द और ऐंठन जैसी समस्या से जूझते रहे। इस कारण उनका प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ और वे पूरी फिटनेस के साथ खेल नहीं सके।
• पीठ की चोट से लगातार परेशान थे
• दर्द की वजह से कंट्रोल करना मुश्किल
• आलोचना ने भी बढ़ाया दबाव
नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
ख्वाजा ने अपने बयान में युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी कहानी दूसरों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। खासतौर पर उन खिलाड़ियों को जो कठिन परिस्थितियों से निकलकर अपना सपना पूरा करना चाहते हैं।
करियर रहेगा यादगार
उस्मान ख्वाजा ने अपने करियर में टेस्ट और वनडे में कई अहम पारियां खेलीं। शांत स्वभाव, जिम्मेदार बल्लेबाजी और टीम के प्रति समर्पण के लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे।
4 जनवरी को सिडनी टेस्ट के बाद उनका इंटरनेशनल करियर भले ही समाप्त हो जाएगा, लेकिन क्रिकेट जगत में उनकी छाप लंबे समय तक बनी रहेगी।



