अगले हफ्ते IIP डेटा, निफ्टी के अहम स्तर और रुपये की चाल तय करेंगे भारतीय शेयर बाजार की दिशा

अगले हफ्ते IIP डेटा, निफ्टी के अहम स्तर और रुपये की चाल तय करेंगे भारतीय शेयर बाजार की दिशा

नई दिल्ली:

आने वाला सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी निर्णायक साबित हो सकता है। साल के अंतिम कारोबारी दिनों में जहां ट्रेडिंग वॉल्यूम सीमित रहने की संभावना है, वहीं घरेलू और वैश्विक फैक्टर्स बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों की नजर खास तौर पर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आंकड़ों, निफ्टी के तकनीकी स्तरों, रुपये की चाल और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों पर टिकी रहेगी।

निफ्टी के अहम तकनीकी स्तर

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। अगर बाजार में मजबूती आती है और निफ्टी ऊपर की ओर बढ़ता है, तो 26,000 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा। इस स्तर को पार करने के बाद 26,200 और 26,400 के स्तर भी काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन स्तरों के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट मिलने पर बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।

वहीं, अगर बाजार में दबाव बढ़ता है और निफ्टी नीचे आता है, तो 25,900 और 25,800 के स्तर पर इसे शुरुआती सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन अगर निफ्टी 25,700 के नीचे फिसलता है, तो बाजार में बिकवाली का दबाव और तेज हो सकता है, जिससे शॉर्ट टर्म में कमजोरी बढ़ने की आशंका है।

बाजार पर निवेशकों की नजर: तकनीकी स्तरों, IIP डेटा और वैश्विक संकेतों के बीच अगले हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना।
बाजार पर निवेशकों की नजर: तकनीकी स्तरों, IIP डेटा और वैश्विक संकेतों के बीच अगले हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना

गिरावट पर खरीदारी की सलाह

एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा हालात में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि किसी भी खरीदारी के साथ सख्त स्टॉप लॉस जरूर रखें, ताकि अचानक आने वाली गिरावट से पूंजी की सुरक्षा की जा सके। खासकर शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए रिस्क मैनेजमेंट सबसे अहम फैक्टर रहेगा।

IIP डेटा पर रहेगी बाजार की नजर

आने वाले हफ्ते में निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आंकड़ों पर रहेगी। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) 29 दिसंबर 2025 को नवंबर महीने का IIP डेटा जारी करेगा।
IIP के जरिए देश के मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग और बिजली उत्पादन जैसे प्रमुख सेक्टरों की स्थिति का आकलन किया जाता है। यह डेटा यह बताने में मदद करेगा कि देश के उद्योग और फैक्ट्रियां किस रफ्तार से काम कर रही हैं।

अगर IIP आंकड़े मजबूत रहते हैं, तो यह संकेत होगा कि औद्योगिक गतिविधियों में सुधार हो रहा है, जिससे शेयर बाजार को सपोर्ट मिल सकता है। ऐसे में मेटल, कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं, कमजोर IIP डेटा आने पर बाजार में निराशा बढ़ सकती है और निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं।

रुपये की चाल भी डालेगी असर

शेयर बाजार की दिशा तय करने में रुपये की चाल भी अहम भूमिका निभाएगी। डॉलर के मुकाबले अगर रुपया कमजोर होता है, तो इससे आयात महंगा हो सकता है और महंगाई की चिंता बढ़ सकती है। इसका असर बाजार की धारणा पर नकारात्मक पड़ सकता है।
हालांकि, कमजोर रुपये से आईटी और एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना रहती है, जिससे इन सेक्टरों के शेयरों में मजबूती आ सकती है।

वैश्विक संकेत और विदेशी निवेश

वैश्विक बाजारों का रुख भी भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। अमेरिका और यूरोप के बाजारों में होने वाली हलचल, वहां से आने वाले आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंकों के बयान निवेशकों की रणनीति को प्रभावित करेंगे।
इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करेंगी। अगर एफआईआई बिकवाली करते हैं तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि उनकी खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।

कच्चे तेल की कीमतें

कच्चे तेल की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगर क्रूड ऑयल के दाम बढ़ते हैं, तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था, महंगाई और चालू खाता घाटे पर पड़ सकता है। इससे शेयर बाजार में नकारात्मक माहौल बन सकता है।
वहीं, अगर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं तो यह बाजार के लिए राहत की बात होगी।

कुल मिलाकर, अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा कई अहम फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। निफ्टी के तकनीकी स्तर, 29 दिसंबर को आने वाला IIP डेटा, रुपये की चाल, वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की कीमतें निवेशकों की भावनाओं को प्रभावित करेंगी।
ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर फैसले लेने, गिरावट पर चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और मजबूत स्टॉप लॉस के साथ ट्रेडिंग करने की सलाह दी जा रही है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top