यूपी विधानसभा में दिवंगत सपा विधायक सुधाकर सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि, 22 दिसंबर तक सदन स्थगित
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत सोमवार को शोकाकुल माहौल में हुई। समाजवादी पार्टी (सपा) के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर पूरे सदन ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के नेतृत्व में सदन के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को नमन किया। इसके पश्चात अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार, 22 दिसंबर को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री एवं नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने मऊ जिले के घोसी विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक रहे सुधाकर सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सुधाकर सिंह समाज के वंचित, शोषित और गरीब वर्ग के लिए आजीवन समर्पित रहे। उन्होंने जनसेवा को अपना धर्म माना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुधाकर सिंह आपातकाल सहित विभिन्न आंदोलनों के दौरान आजमगढ़ और लखनऊ केंद्रीय कारागार में निरुद्ध रहे। एक लोकतंत्र सेनानी के रूप में उन्होंने न केवल राजनीतिक संघर्ष किया, बल्कि अपने क्षेत्र के विकास और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य किया। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वे अपने दल और पूरे सदन की ओर से दिवंगत विधायक के शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करें।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी शोक प्रस्ताव पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सुधाकर सिंह के निधन से समाजवादी पार्टी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि सिंह पीड़ितों, गरीबों और वंचितों की आवाज थे तथा अन्याय और शोषण के खिलाफ सदैव संघर्षरत रहे। उनका सरल स्वभाव और जमीनी जुड़ाव उन्हें एक जनप्रिय नेता बनाता था।
सदन में मौजूद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी दिवंगत विधायक के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के नेता रघुराज प्रताप सिंह ने सुधाकर सिंह को एक संघर्षशील और सिद्धांतवादी नेता बताया। कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि उनका निधन सार्वजनिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति है। बहुजन समाज पार्टी के उमाशंकर सिंह ने उनके सामाजिक सरोकारों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
इसके अलावा अपना दल (एस) के राम निवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल के मदन भैया, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के बेदी राम तथा निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद ने भी अपने-अपने वक्तव्यों में दिवंगत नेता के साथ अपने संस्मरण साझा किए और उनके योगदान को नमन किया। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि सुधाकर सिंह का जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा का प्रतीक था।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सुधाकर सिंह ने सदैव लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं का सम्मान किया। वे विपक्ष में रहते हुए भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते थे। अध्यक्ष ने कहा कि उनका निधन पूरे सदन के लिए एक व्यक्तिगत क्षति के समान है।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान सदन में शोक और संवेदना का वातावरण बना रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्य एकजुट होकर दिवंगत नेता को अंतिम नमन करते नजर आए। दो मिनट के मौन के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की और कहा कि सदन अब सोमवार, 22 दिसंबर को सुबह 11 बजे पुनः आहूत होगा।
उल्लेखनीय है कि सुधाकर सिंह का निधन पिछले माह 20 नवंबर को हुआ था। वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति में रहे और समाजवादी आंदोलन के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे। उनके निधन से न केवल उनके समर्थकों में, बल्कि पूरे प्रदेश की राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है। विधानसभा में दी गई यह श्रद्धांजलि उनके सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के प्रति सम्मान का प्रतीक बनी।



