वोट चोरी’ और नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी कार्रवाई के विरोध में प्रयागराज में कांग्रेस का जोरदार मार्च
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश:
कांग्रेस पार्टी ने ‘वोट चोरी’, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों और नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध में प्रयागराज में एक विशाल मार्च का आयोजन किया। इस मार्च में कांग्रेस के प्रदेश एवं जिला स्तर के नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने, संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और विपक्षी दलों को डराने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। हाथों में पार्टी के झंडे, तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता ‘लोकतंत्र बचाओ’, ‘वोट चोरी बंद करो’, ‘ईडी का दुरुपयोग बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। मार्च के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस बल को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया था और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया।
मार्च के समापन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है और जनता के वोट के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। नेताओं ने कहा कि हाल के चुनावों और उपचुनावों में जिस तरह से प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग किया गया, वह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने इसे “वोट चोरी” करार देते हुए कहा कि कांग्रेस इसका हर स्तर पर विरोध करेगी।
नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने और उनकी आवाज दबाने के लिए कर रही है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस तरह की कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं है और सच्चाई के साथ जनता के बीच खड़ी रहेगी।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि नेशनल हेराल्ड देश की आजादी की लड़ाई से जुड़ा एक ऐतिहासिक संस्थान रहा है, जिसकी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रतीकों को भी राजनीतिक द्वेष का शिकार बना रही है। उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई से न तो सच्चाई बदलेगी और न ही कांग्रेस का संघर्ष रुकेगा।
प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के राजनीतिक हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। नेताओं ने दावा किया कि जनता अब इन चालों को समझ चुकी है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उनका कहना था कि अगर विपक्ष की आवाज को दबाया गया तो लोकतंत्र कमजोर होगा। उन्होंने मांग की कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए और केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखा जाए।
सभा के अंत में कांग्रेस नेताओं ने शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान और कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करेगी। साथ ही यह भी चेतावनी दी कि अगर लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला जारी रहा, तो कांग्रेस पूरे देश में जनआंदोलन तेज करेगी।
प्रयागराज में आयोजित यह मार्च न केवल कांग्रेस के विरोध का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि पार्टी लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह के कार्यक्रम और तेज किए जाएंगे, ताकि जनता को वास्तविक मुद्दों से अवगत कराया जा सके और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

