मैनपुरी छात्रवृत्ति गबन मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। केपी इंटर कॉलेज से 13.28 लाख रुपये की पाई-पाई वसूली के लिए विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मैनपुरी प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। जिले के प्रतिष्ठित केपी इंटर कॉलेज में पूर्व में सामने आई छात्रवृत्ति अनियमितता के मामले में बकाया 13.28 लाख रुपये की वसूली के लिए कानूनी व प्रशासनिक शिकंजा कसा जा चुका है।
पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने में जुटा प्रशासन
वॉइस ऑफ मैनपुरी के प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों के हक का एक भी पैसा व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इसी क्रम में संबंधित अधिकारियों ने वसूली की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि सरकारी धन को शीघ्र राजकोष में वापस लाया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुरानी विसंगतियों को दुरुस्त कर पूरी व्यवस्था को तकनीक और आधार प्रमाणीकरण से जोड़ा गया है, जिससे भविष्य में इस तरह की गबन की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
प्रशासनिक कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- बकाया वसूली: केपी इंटर कॉलेज प्रबंधन से शेष 13.28 लाख रुपये की वसूली हेतु अंतिम नोटिस व आरसी प्रक्रिया पर विचार।
- सख्त निगरानी: जिला समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त निगरानी में जांच प्रक्रिया का तेजी से निस्तारण।
- पारदर्शी छात्रवृत्ति वितरण: डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) प्रणाली के जरिए अब सीधे पात्र छात्र-छात्राओं के खातों में भेजी जा रही धनराशि।
जिला प्रशासन का यह कदम यह दर्शाता है कि किसी भी स्तर पर हुई वित्तीय लापरवाही को बख्शा नहीं जाएगा और छात्रों के कल्याण के लिए समर्पित योजनाओं को पूरी ईमानदारी से धरातल पर उतारा जा रहा है।
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