मैनपुरी सैनिक स्कूल के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने 9.524 हेक्टेयर भूमि आवंटन के अहम प्रस्ताव पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से उत्तर प्रदेश के होनहार युवाओं के लिए आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाओं की राह पूरी तरह खुल गई है।
प्रदेश सरकार के इस दूरदर्शी कदम से मैनपुरी जिले को रक्षा अध्ययन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी गति मिली है। वॉइस ऑफ मैनपुरी के विशेष विश्लेषण के अनुसार, सरकार के इस फैसले से न केवल स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होगा, बल्कि सशस्त्र बलों में सेवा देने का सपना देखने वाले छात्रों को अत्याधुनिक संसाधन भी उपलब्ध होंगे।
आधुनिक आवासीय और ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से संवरेगा कैडेट्स का भविष्य
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत की गई 9.524 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन का उपयोग स्कूल के समग्र विकास के लिए किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य परिसर को आधुनिक मानकों के अनुरूप अपग्रेड करना है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के समकक्ष हो सके।
विस्तार योजना के तहत निम्नलिखित प्रमुख विकास कार्य किए जाएंगे:
- अत्याधुनिक आवासीय परिसर: कैडेट्स एवं शिक्षण स्टाफ के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त छात्रावास और आवास।
- एडवांस्ड ट्रेनिंग फैसिलिटी: फिजिकल कंडीशनिंग, बाधा प्रशिक्षण (Obstacle Course) और सामरिक कौशल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के ग्राउंड।
- डिजिटल लर्निंग और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: स्मार्ट क्लासरूम, उन्नत विज्ञान एवं रक्षा लैब तथा बहुउद्देशीय खेल परिसर।
- सुरक्षा और पर्यावरण: हरित परिसर विकास के साथ-साथ उच्च स्तरीय सुरक्षा मानकों का निर्माण।
डिफेंस एजुकेशन और युवा सशक्तिकरण को नई दिशा
योगी सरकार का यह कदम राज्य में रक्षा-उन्मुख शिक्षा को सुदृढ़ करने के संकल्प को दर्शाता है। मैनपुरी में जनरल बिपिन रावत सैनिक स्कूल पहले से ही उत्कृष्ट अनुशासन और परिणाम दे रहा है। अब अतिरिक्त भूमि मिलने से संस्थान की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्माण प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
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