मैनपुरी के परिषदीय शिक्षकों के बहुप्रतीक्षित प्रमोशन का इंतजार अब खत्म हो गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने पारदर्शिता बरतते हुए शिक्षकों की वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप दे दिया है। शासन की मंशा के अनुरूप जिले में पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी निष्पक्षता और तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं में उत्साह का माहौल है।
आपत्तियों का पारदर्शी निस्तारण, प्रशासन ने दिखाई तत्परता
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी अनंतिम सूची पर शिक्षकों से प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर उनका समाधान कर दिया गया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय ने सभी मानकों और सेवा अभिलेखों को ध्यान में रखते हुए अंतिम सूची तैयार की है। प्रशासनिक अधिकारियों की इस सक्रियता से वर्षों से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है।
पदोन्नति प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएं:
- पारदर्शी प्रक्रिया: मानव संपदा पोर्टल के आंकड़ों और सेवा पंजिका के आधार पर पूरी तरह त्रुटिरहित सूची तैयार की गई है।
- आपत्तियों का त्वरित समाधान: शिक्षकों द्वारा दर्ज कराई गई हर एक आपत्ति की विभागीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की गई।
- जल्द जारी होगी अंतिम सूची: वरिष्ठता तय होने के बाद अब रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति आदेश शीघ्र जारी किए जाएंगे।
- ग्रामीण शिक्षा को मजबूती: प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हेडमास्टर और वरिष्ठ शिक्षकों की तैनाती से शिक्षण व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
शैक्षिक सुधारों की दिशा में सरकार का ठोस कदम
राज्य सरकार परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों के सेवा संबंधी मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए निरंतर प्रयासरत है। पूर्व में वरिष्ठता निर्धारण को लेकर आ रही तकनीकी अड़चनों को अधिकारियों ने संवेदनशीलता और तेजी के साथ हल कर लिया है। विभाग का स्पष्ट मानना है कि शिक्षकों के मनोबल में वृद्धि से सीधे तौर पर परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को लाभ पहुंचेगा।
अधिकारियों के अनुसार, अंतिम पदोन्नति सूची को पोर्टल पर सार्वजनिक करने की औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद पात्र शिक्षकों को नवीन पदस्थापना की सौगात मिलेगी।
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