रेस कोर्स मस्जिद: राजधानी के अति-सुरक्षित क्षेत्र में नियमों और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित रेस कोर्स मस्जिद के दस्तावेजों की जांच के लिए हाल ही में नोटिस जारी किया है।
नई दिल्ली के लुटियंस जोन में कानून व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और शहरी विकास के नियमों को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन निरंतर सक्रियता दिखा रहा है। इसी क्रम में लोक कल्याण मार्ग (पूर्व में रेस कोर्स रोड) पर स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को लेकर संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों ने रिकॉर्ड्स की पुष्टि हेतु यह कदम उठाया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी के अनुसार, संवेदनशील वीवीआईपी क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की समीक्षा और भूमि रिकॉर्ड्स का अद्यतनीकरण एक नियमित व जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्रशासनिक नोटिस और वर्तमान स्थिति
हालिया घटनाक्रम में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और संबंधित विभागों ने संरचनात्मक सुरक्षा और भूमि उपयोग के वैधानिक पहलुओं की पड़ताल के तहत मस्जिद प्रबंधन से जवाब मांगा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के केंद्र में स्थित किसी भी सार्वजनिक या धार्मिक स्थल के सभी कागजात पूरी तरह से पारदर्शी और अद्यतन हों। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया कानून के दायरे में और पूरी निष्पक्षता से आगे बढ़ाई जा रही है।
वक्फ बोर्ड में पंजीकरण का इतिहास
दस्तावेजों के अनुसार, सुनहरी बाग और रेस कोर्स क्षेत्र की यह मस्जिद दिल्ली वक्फ बोर्ड के गैजेट में लंबे समय से दर्ज बताई जाती है। हालांकि, आधुनिक सुरक्षा प्राथमिकताओं और शहरी मास्टर प्लान के तहत समय-समय पर ऐसे स्थानों का प्रशासनिक सत्यापन आवश्यक माना जाता है:
- पंजीकरण की स्थिति: दिल्ली वक्फ बोर्ड के 1970 के दशक के गजट नोटिफिकेशन में इस परिसर का उल्लेख मिलता है।
- संवेदनशील क्षेत्र: प्रधानमंत्री आवास के ठीक सामने होने के कारण यह पूरा इलाका देश के सबसे संवेदनशील ‘स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप’ (SPG) सुरक्षा घेरे में आता है।
- पारदर्शी समीक्षा: प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि कानून के शासन और वीवीआईपी सुरक्षा के साथ कोई समझौता किए बिना सभी पक्षों की वैधानिक स्थिति जांची जा रही है।
विकास और सुरक्षा के संतुलन पर जोर
विपक्षी खेमों और कुछ संगठनों द्वारा इसे लेकर की जा रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रशासनिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल नियमित वैधानिक सत्यापन का मामला है। केंद्र सरकार की प्राथमिकता राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा तंत्र को अभेद्य रखना और आधारभूत संरचना से जुड़े सभी रिकॉर्ड्स को डिजिटल व पारदर्शी बनाना है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और संबंधित विभाग वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों के साथ सौहार्दपूर्ण संवाद के जरिए आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं।
(Image Credit: abplive.com)






