मैनपुरी में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। सरकारी संपत्तियों को मुक्त कराकर विकास कार्यों को गति देने का खाका तैयार है।
योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कदम
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा प्रदेश भर में भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान का असर अब जमीनी स्तर पर व्यापक रूप से दिखने लगा है। मैनपुरी जिला प्रशासन ने ग्राम समाज, तालाब, चरागाह और सार्वजनिक मार्गों पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल खाली कराने के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
वॉइस ऑफ मैनपुरी के स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व विभाग और पुलिस बल की संयुक्त टीमें गठित की जा रही हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ताकि इन जमीनों का उपयोग जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं में किया जा सके।
प्रशासनिक कार्ययोजना की मुख्य बातें:
- राजस्व टीमों द्वारा पैमाइश: विवादित और कब्जामुक्त कराई जाने वाली जमीनों का जीपीएस और डिजिटल मैपिंग के जरिए तत्काल सीमांकन।
- चिन्हीकरण और नोटिस: अवैध कब्जाधारकों को नियमानुसार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से जमीन खाली करने की मोहलत।
- कड़ी कानूनी कार्रवाई: तय समय सीमा में कब्जा न हटाने वालों के खिलाफ एंटी-भू-माफिया टास्क फोर्स के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज होगी।
- विकास कार्यों को प्राथमिकता: मुक्त कराई गई भूमि पर पंचायत भवन, खेल मैदान और सामुदायिक केंद्रों जैसी जनोपयोगी परियोजनाओं का निर्माण।
आम जनता को राहत, विकास को रफ्तार
प्रशासन की इस सक्रियता से ग्रामीण इलाकों में वर्षों से लंबित भूमि विवादों का निस्तारण तेजी से हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों और किसानों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। जनहित से जुड़े इस ठोस कदम से जिले में सुशासन और कानून के राज को नई मजबूती मिल रही है।
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