उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव के दौरान मैनपुरी के किशनी क्षेत्र में दो पक्षों में नोकझोंक की घटना सामने आई, जिसे पुलिस-प्रशासन ने मुस्तैदी से शांत करा दिया।
किशनी विकास खंड कार्यालय स्थित मतदान केंद्र के बाहर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कुछ देर के लिए गहमागहमी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालांकि, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना किसी देरी के मोर्चा संभाला और माहौल बिगड़ने से पहले ही स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टला विवाद
वॉइस ऑफ मैनपुरी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, मतदान प्रक्रिया के दौरान सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। स्थानीय अधिकारियों ने इसे महज चुनावी सरगर्मी और राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बताते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचते ही उपद्रव करने की कोशिश कर रहे लोगों को खदेड़ दिया गया। सुरक्षा बलों ने मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया, जिससे मतदाताओं में किसी भी प्रकार का भय न फैले और प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम
- अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती: किशनी ब्लॉक परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में तुरंत अतिरिक्त पीएसी और पुलिस जवान तैनात किए गए।
- वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी: उपजिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी ने मौके पर कैंप कर मतदान प्रक्रिया का जायजा लिया।
- मतदान प्रक्रिया निर्बाध: कुछ मिनटों की तनातनी के बाद मतदान बिना किसी रुकावट के शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी एवं सुरक्षित चुनाव कराने की नीति के तहत मैनपुरी जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और निर्वाचन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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