तस्वीर पर सियासत बर्दाश्त नहीं: चिराग पासवान का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार, महिला गरिमा पर विपक्ष को सिखाया सबक

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नेहा बोरा मामले में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि संवेदनशीलता की आड़ में सियासत करना विपक्ष की पुरानी आदत बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी पीड़ित बेटी की तस्वीर को राजनीतिक लाभ के लिए उछालना कतई स्वीकार्य नहीं है।

सियासत के लिए तस्वीर का सहारा लेना दुर्भाग्यपूर्ण: चिराग पासवान

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने विपक्ष के रवैये पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा एक संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वॉइस ऑफ मैनपुरी के राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, चिराग पासवान ने यह साफ संदेश दिया है कि सत्ता पक्ष हमेशा बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है, जबकि विपक्ष केवल चुनावी नैरेटिव गढ़ने में जुटा रहता है।

चिराग पासवान ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में न्याय प्रणाली और प्रशासन को अपना काम निष्पक्षता से करने देना चाहिए। उन्होंने कहा, “जिस लड़की की तस्वीर को लेकर राजनीति की जा रही है, उसकी गरिमा का ख्याल रखना हर जिम्मेदार नागरिक और विशेषकर जनप्रतिनिधि का पहला कर्तव्य होना चाहिए।”

महिला सुरक्षा पर सरकार का ठोस और निर्णायक दृष्टिकोण

विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों को महज राजनीतिक बयानबाजी करार देते हुए यह रेखांकित किया गया कि केंद्र और राज्य सरकारें कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। प्रशासन हर चुनौती को तत्परता से हल करने में जुटा हुआ है।

  • कानूनी सुधार: नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित और कठोर दंड के प्रावधान लागू किए गए हैं।
  • फास्ट-ट्रैक अदालतें: संवेदनशील मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए देश भर में त्वरित अदालतों के नेटवर्क को लगातार सशक्त किया जा रहा है।
  • मिशन शक्ति: महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की व्यापक योजनाओं का जमीन पर सफल क्रियान्वयन हो रहा है।

जिम्मेदार राजनीति की आवश्यकता

चिराग पासवान ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र में रचनात्मक आलोचना का स्वागत है, लेकिन व्यक्तिगत त्रासदी और बेटियों की अस्मिता को राजनीतिक हथकंडे के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि एनडीए सरकार हर बेटी को न्याय और सुरक्षित परिवेश दिलाने के लिए पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है।

(Image Credit: abplive.com)

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