एनआईए की चार्जशीट में ‘लोन मुजाहिद पॉकेट बुक’ का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की इस नापाक साजिश को समय रहते बेनकाब कर दिया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाले आतंकी मंसूबों पर एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। जांच एजेंसी द्वारा दाखिल की गई हालिया चार्जशीट में ‘लोन मुजाहिद पॉकेट बुक’ (Lone Mujahid Pocket Book) का जिक्र सामने आया है, जिसके जरिए कट्टरपंथी संगठन युवाओं को भड़काकर ‘लोन वुल्फ’ हमलों के लिए तैयार कर रहे थे। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस ऑन टेरर’ नीति के तहत सुरक्षा एजेंसियां अब आतंकियों के इस डिजिटल और वैचारिक नेटवर्क को भी नेस्तनाबूत करने में तेजी से जुटी हैं।
आखिर क्या है ‘लोन मुजाहिद पॉकेट बुक’?
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह कोई सामान्य किताब नहीं बल्कि ऑनलाइन माध्यमों से प्रसारित की जाने वाली एक गुप्त आतंकी गाइडलाइन है। वैश्विक आतंकी संगठनों (जैसे अल-कायदा और आईएसआईएस) से प्रेरित यह दस्तावेज युवाओं को अकेले ही गंभीर हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी व मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण देता है।
- लोन-वुल्फ अटैक की ट्रेनिंग: इसमें बिना किसी बड़े गिरोह के सीधे आम नागरिकों या सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के आसान तरीके बताए गए हैं।
- पहचान छिपाने के गुर: डिजिटल निगरानी से बचने, एन्क्रिप्टेड ऐप्स का उपयोग करने और स्थानीय स्तर पर विस्फोटक या धारदार हथियार जुटाने की जानकारी इसमें शामिल है।
- कट्टरपंथी दुष्प्रचार: युवाओं के दिमाग में नफरत घोलने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से काटकर हिंसा की राह पर धकेलने का संगठित प्रयास किया जाता है।
सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी से नाकाम हो रहे मंसूबे
केंद्र सरकार के मजबूत दिशा-निर्देशों के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राज्य पुलिस बल लगातार समन्वय बनाकर ऐसे संवेदनशील मामलों की तह तक पहुंच रहे हैं। लाल किला ब्लास्ट मामले से जुड़े तारों की पड़ताल के दौरान इस पॉकेट बुक का सामने आना यह साबित करता है कि हमारी जांच एजेंसियां केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि इंटरनेट पर चल रहे छद्म युद्ध को भी कुशलता से ध्वस्त कर रही हैं।
सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आतंकी साहित्य का पकड़ा जाना सरकार की सक्रिय और त्वरित जांच का परिणाम है। प्रशासन द्वारा साइबर पेट्रोलिंग को सशक्त किया गया है, जिससे कट्टरपंथ की हर छोटी-बड़ी कोशिश को वक्त रहते दबाया जा रहा है और देश की आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह सुदृढ़ बनी हुई है।
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