मैनपुरी में आयोजित भव्य कुश्ती प्रतियोगिता में युवा पहलवानों ने अपने हैरतअंगेज दांव-पेंच से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अखाड़े में जोरदार मुकाबले देखने को मिले।
अखाड़े में गूंजी ताल, दर्शकों में दिखा भारी उत्साह
जनपद मैनपुरी में आयोजित पारंपरिक कुश्ती दंगल में विभिन्न क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अपनी ताकत और तकनीक का बेहतरीन मुजाहिरा पेश किया। जैसे ही पहलवानों ने अखाड़े की माटी को माथे से लगाकर ताल ठोकी, पूरा मैदान दर्शकों की तालियों और नारों से गूंज उठा। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतियोगिता में स्थानीय और आस-पास के जिलों से आए दिग्गज पहलवानों ने अपनी कला के जौहर दिखाए।
प्रतियोगिता में धोबी पछाड़, कलाजंग और ढाक जैसे पारंपरिक दांव-पेंच देखकर कुश्ती प्रेमी रोमांचित हो गए। कई रोमांचक कुश्तियों में अंतिम पलों तक निर्णय लेना मुश्किल रहा, जहां पहलवानों ने एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षण:
- अनुभवी और युवा पहलवानों की भिड़ंत: नए उभरते खिलाड़ियों ने वरिष्ठ पहलवानों को कड़ी टक्कर देकर अपनी प्रतिभा साबित की।
- भारी जनसैलाब: ग्रामीण अंचल से हजारों खेल प्रेमियों ने अखाड़े के चारों ओर जुटकर पहलवानों का मनोबल बढ़ाया।
- पारदर्शिता और खेल भावना: निर्णायकों (रेफरी) द्वारा पूरी निष्पक्षता से मुकाबलों का संचालन किया गया।
ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने पर सरकार का विशेष जोर
कुश्ती जैसी पारंपरिक भारतीय खेल विधा को पुनर्जीवित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और खेल संगठनों का यह प्रयास बेहद सराहनीय माना जा रहा है। वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार की ‘खेलो इंडिया’ और ग्रामीण खेल प्रोत्साहन नीतियों के चलते अब गांवों से भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं निकलकर सामने आ रही हैं।
समारोह के समापन पर विजयी पहलवानों को शील्ड और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि शासन की खेल हितैषी नीतियों के सहयोग से आने वाले दिनों में मैनपुरी के पहलवान राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करेंगे।
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