केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लेह दौरे पर स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लद्दाख के विकास और स्थानीय संस्कृति के प्रति विशेष लगाव है। केंद्र सरकार इस रणनीतिक और खूबसूरत क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास केंद्र की नीति का मुख्य आधार
लेह में जनसंवाद और प्रशासनिक बैठकों के दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लद्दाख ने विकास के नए युग में प्रवेश किया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी पर प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों को देश की पहली रक्षा पंक्ति मानकर वहां बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत कर रही है।
रिजिजू ने रेखांकित किया कि लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद से यहां बजट आवंटन में भारी वृद्धि हुई है, जिससे दूरदराज के गांवों तक सीधी कनेक्टिविटी और जनसुविधाएं पहुंची हैं।
लद्दाख में तेज गति से चल रही प्रमुख विकास योजनाएं
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी चुनौती को तेजी से सुलझाया जा रहा है ताकि स्थानीय निवासियों को हर सरकारी योजना का सीधा लाभ मिल सके:
- ऑल-वेदर कनेक्टिविटी: जोजिला और शिंकुन ला टनल जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से लद्दाख साल के 12 महीने पूरे देश से जुड़ा रहेगा।
- हरित ऊर्जा का विस्तार: लद्दाख को कार्बन-न्यूट्रल क्षेत्र बनाने के लिए विशाल सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है।
- पर्यटन और रोजगार: स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाने के लिए विंटर स्पोर्ट्स और होम-स्टे इकोसिस्टम को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
- सांस्कृतिक संरक्षण: क्षेत्र की प्राचीन बौद्ध और स्थानीय सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए विशेष बजट और योजनाएं लागू की गई हैं।
समस्याओं का त्वरित समाधान और जन-भागीदारी
किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के हर वर्ग की आकांक्षाओं को भली-भांति समझती है। कुछ राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियों को भी संवाद और सक्रिय नीतियों के जरिए तेजी से हल किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि लद्दाख का कोई भी नागरिक विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।
(Image Credit: abplive.com)






