सोशल मीडिया पर खान-पान की चीजों में मिलावटखोरी का वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है।
स्थानीय रिपोर्टों और वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीमों ने बिना देर किए एक्शन मोड में आकर संबंधित प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा
वायरल वीडियो में शुद्धता के नाम पर किए जा रहे फर्जीवाड़े की तस्वीरें सामने आने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई। शासन की इस सजगता और त्वरित एक्शन से आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है और सरकार के इस कड़े रुख की सराहना की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:
- तत्काल सीलिंग: वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करते हुए संबंधित निर्माण और बिक्री स्थल को सील कर दिया गया है।
- सैंपल कलेक्शन: संदिग्ध मिलावटी खाद्य सामग्रियों के कई सैंपल सील कर राजकीय प्रयोगशाला में प्राथमिकता के आधार पर भेजे गए हैं।
- कठोर धाराएं: दोषियों के खिलाफ ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम’ के तहत मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- सतत निगरानी: त्योहारों और सामान्य दिनों में भी बाजारों में मिलावट रोकने के लिए विशेष उड़नदस्तों (Flying Squads) को सक्रिय किया गया है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार लगातार अपनी डिजिटल निगरानी और फीडबैक सिस्टम को मजबूत कर रही है, ताकि ऐसी घटनाओं पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।
(Image Credit: abplive.com)





