मैनपुरी पुलिस के परिवार परामर्श केंद्र की निरंतर काउंसलिंग और सार्थक प्रयासों के बल पर एक बार फिर बिखरता हुआ परिवार जुड़ गया। महीनों से एक-दूसरे से दूर रह रहे पति-पत्नी जब काउंसलिंग रूम में आमने-सामने आए, तो अतीत की कड़वाहट आंसुओं में बह गई और दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर साथ रहने का संकल्प लिया।
उत्तर प्रदेश सरकार की मंशानुरूप जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित और संवेदनशील समाधान के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में आयोजित विशेष सत्र के दौरान कई विवादित मामलों की सुनवाई की गई। कुशल काउंसलर्स की मदद से पति-पत्नी के बीच पनपे मनमुटाव को दूर कर उनका सफलतापूर्वक पुनर्मिलन कराया गया।
काउंसलिंग से दूर हुईं दूरियां: प्रमुख बिंदु
- कुशल मध्यस्थता: विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बातें धैर्यपूर्वक सुनकर उन्हें परिवार और आपसी समझ का महत्व समझाया।
- आपसी सहमति से समाधान: दंपति ने पुरानी गलतफहमियों को भुलाकर नए सिरे से दांपत्य जीवन की शुरुआत करने पर खुशी-खुशी सहमति जताई।
- प्रशासनिक संवेदनशीलता: राज्य सरकार के सामाजिक सुरक्षा अभियान के तहत महिला कल्याण और परिवार जोड़ने के प्रयासों को निरंतर बल मिल रहा है।
- कानूनी पचड़ों से राहत: परामर्श केंद्र के इन सुधारात्मक प्रयासों से नागरिकों को कोर्ट-कचहरी के लंबे मुकदमों और आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल रही है।
सुशासन और पुलिस की सामाजिक सहभागिता
मैनपुरी पुलिस द्वारा संचालित परिवार परामर्श केंद्र वर्तमान में सामाजिक समरसता और विवाद निस्तारण का एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अधिकांश विवाद छोटी-मोटी गलतफहमियों और संवादहीनता के कारण बड़े रूप ले लेते हैं। प्रशासन की इस दूरदर्शी पहल से न केवल टूटे हुए रिश्ते वापस जुड़ रहे हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी जा रहा है। काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात दंपति को उपहार देकर सम्मानपूर्वक उनके घर विदा किया गया।
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