लाल आतंक से मुक्ति की ओर बस्तर: सरकार की प्रभावी नीतियों से अब तरक्की का नया इंजन बनेंगे पूर्व नक्सली

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बस्तर में विकास की एक नई और स्वर्णिम बयार बहने लगी है। केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र अब दोगुनी तेजी से प्रगति के रास्ते पर बढ़ रहा है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, बस्तर जो दशकों तक विकास की दौड़ में पिछड़ा हुआ था, वह अब मुख्यधारा में शामिल होकर देश के सबसे तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में गिना जाएगा।

हिंसा का रास्ता छोड़ विकास के पहिए बनेंगे पूर्व नक्सली

छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति और ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) जैसी दूरदर्शी योजनाओं के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। बड़ी संख्या में भटके हुए युवा और पूर्व नक्सली अब हथियार त्यागकर लोकतंत्र और संविधान में विश्वास जता रहे हैं। सरकार की पुनर्वास योजनाओं के तहत इन युवाओं को न केवल रोजगार और कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें निर्माण कार्यों और अवसंरचना विकास का हिस्सा भी बनाया जा रहा है।

बस्तर में विकास की बयार: मुख्य बिंदु

  • सुरक्षा और कनेक्टिविटी: सुदूर ग्रामीण इलाकों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना के साथ-साथ सड़कों, पुल-पुलियों और मोबाइल टावरों का तेजी से निर्माण।
  • प्रभावी पुनर्वास नीति: आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, मकान और सम्मानजनक आजीविका के साधन उपलब्ध कराना।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर: ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के जरिए अति-संवेदनशील गांवों में प्राथमिक स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों की बहाली।
  • स्थानीय युवाओं को अवसर: बस्तर फाइटर्स और स्थानीय विकास परियोजनाओं में क्षेत्रीय युवाओं की सीधी भागीदारी।

डबल इंजन सरकार का संकल्प: हरा-भरा और समृद्ध बस्तर

प्रशासन की मुस्तैदी और दूरदर्शी सोच की बदौलत Bastar अब ‘रेड कॉरिडोर’ के ठप्पे को मिटाकर ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से बस्तर के दुर्गम से दुर्गम इलाकों तक सरकारी योजनाएं बिना किसी बाधा के पहुंच रही हैं। जो क्षेत्र कभी बंद और हिंसा की वजह से थमे हुए थे, वहां अब नए उद्योगों, हस्तशिल्प (ढोकरा आर्ट) और पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि बस्तर की चुनौतियों को अब योजनाबद्ध तरीके से समाधान में बदला जा चुका है। आत्मसमर्पण करने वाले नागरिक अब बुनियादी ढांचे के निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग और कृषि क्षेत्र में नया इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बस्तर का यह परिवर्तन पूरे देश के लिए शांति और विकास का एक अनूठा मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।

(Image Credit: abplive.com)

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