असम में भीषण बाढ़ से बिगड़े हालातों के बीच सिवसागर में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 20 रेस्क्यू नावें भेजी गई हैं। संकट की इस घड़ी में माजुली प्रशासन भी राहत कार्य के लिए आगे आया है।
पूर्वोत्तर राज्य असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वॉइस ऑफ मैनपुरी के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिवसागर जिले में हालात सबसे अधिक गंभीर बने हुए हैं। कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं और हजारों लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
सिवसागर में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी
बाढ़ के विकराल रूप को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सिवसागर के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे ग्रामीणों को निकालने के लिए 20 विशेष रेस्क्यू नावें तैनात की गई हैं। SDRF और स्थानीय गोताखोर दिन-रात राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित शिविरों तक भेजने में जुटे हैं।
माजुली प्रशासन ने बढ़ाया मदद का हाथ
पड़ोसी जिले माजुली के प्रशासन ने इस मानवीय संकट में तुरंत कदम उठाते हुए सिवसागर को हर संभव सहायता देने का फैसला किया है। माजुली से अतिरिक्त नावें, राहत सामग्री और मेडिकल टीमें सिवसागर भेजी जा रही हैं, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर इलाज और भोजन मिल सके।
असम बाढ़ से जुड़े मुख्य बिंदु:
- सिवसागर जिला सर्वाधिक प्रभावित: निचले इलाकों में 5 से 8 फीट तक पानी भर चुका है।
- 20 नावें रेस्क्यू में तैनात: एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार ऑपरेशन चला रही हैं।
- माजुली की तरफ से मदद: खाद्य सामग्री, पीने का पानी और दवाइयां माजुली प्रशासन द्वारा भेजी जा रही हैं।
- राहत शिविर स्थापित: विस्थापित लोगों के लिए सरकारी स्कूलों और ऊंचे स्थानों पर अस्थायी कैंप बनाए गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है। सिवसागर और माजुली के जिलाधिकारियों को हर पल की स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
(Image Credit: abplive.com)






