यूपी के 75 जिलों में 23 जनवरी को एक साथ होगा ब्लैकआउट, बजेंगे सायरन; मॉकड्रिल से परखी जाएगी सुरक्षा तैयारी
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में एक बड़ी मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान राज्य के सभी 75 जिलों में एक साथ ब्लैकआउट किया जाएगा और हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अभ्यास है, इसलिए आम नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
इस मॉकड्रिल का उद्देश्य यह जांचना है कि किसी आपात स्थिति या दुश्मन देश के संभावित हवाई हमले की स्थिति में प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन कितने सतर्क और सक्षम हैं। इसमें सिविल डिफेंस, आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें शामिल रहेंगी, जो अलग-अलग आपात परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास करेंगी।

लखनऊ में पहले ही इस मॉकड्रिल का रिहर्सल किया जा चुका है। पुलिस लाइन क्षेत्र में हुए अभ्यास के दौरान धमाके की आवाज, सायरन और अफरातफरी का माहौल बनाया गया। पार्क में मौजूद लोगों को घायल मानकर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। मॉकड्रिल में यह भी दिखाया गया कि बम धमाके से आग लग गई है, लोग ऊंची इमारतों में फंस गए हैं और एक कार में आग लगने के कारण चालक अंदर फंसा हुआ है।
रिहर्सल के दौरान सिविल डिफेंस के जवानों ने घायलों को फर्स्ट एड दी, आग को गीले कंबलों और पानी से बुझाया गया। ऊंची इमारत में फंसे लोगों को जाल की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा गया। कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकालने का अभ्यास भी किया गया।
प्रशासन के अनुसार, 23 जनवरी को शाम छह बजे से दो मिनट तक पूरे प्रदेश में सायरन बजेंगे और बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। यह अभ्यास यह समझने के लिए किया जाएगा कि ब्लैकआउट की स्थिति में आम लोग और प्रशासन किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।
यूपी के प्रमुख सचिव ने डीजीपी, यूपी पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक, राहत आयुक्त समेत सभी संबंधित अधिकारियों को मॉकड्रिल की तैयारियों के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मॉकड्रिल के दौरान शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।


