
World Economic Forum 2026 Davos: स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित 56वीं वार्षिक बैठक World Economic Forum (WEF) 2026 का दूसरा मुख्य दिन 20 जनवरी को भी वैश्विक नेतृत्व, अर्थव्यवस्था और तकनीकी एजेंडा की बहस के लिए संवाद की भावना विषय के तहत जारी रहा। इस बैठक में 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 से अधिक नेता, नीति निर्माता, उद्योगपति और विशेषज्ञ शामिल हैं। बैठक में वैश्विक राजनीतिक तनाव, आर्थिक अवसर, तकनीकी बदलाव, और निवेश सम्मेलनों ने अपने छाप छोड़ी है।
दावोस 2026 का संदर्भ: अहम बातें और प्रमुख लक्ष्य
World Economic Forum (WEF) की वार्षिक बैठक हर साल जनवरी में स्विट्ज़रलैंड के दावोस-क्लोस्टर्स में आयोजित होती है जिसमें दुनिया के प्रमुख नेताओं, वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं। यह मंच वैश्विक मुद्दों पर नीतिगत समझ, सहयोग और रणनीति पर वार्ता का अवसर प्रदान करता है।
इस साल की बैठक “A Spirit of Dialogue (संवाद की भावना)” थीम के तहत चल रही है, जिसका उद्देश्य वैश्विक अविश्वास, आर्थिक अनिश्चितता और तकनीकी बदलाव के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
20 जनवरी 2026 के प्रमुख अपडेट और घटनाक्रम
1. ट्रंप और वैश्विक तनाव: ग्रीनलैंड विवाद
दावोस 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आगमन और उनके ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए साहसिक बयान ने वैश्विक ध्यान खींचा। यूरोपीय नेताओं ने इसे शक्तिशाली राष्ट्रों द्वारा अंतरराष्ट्रीय नियमों की अवहेलना के रूप में देखा।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चेताया कि दुनिया परंपरागत नियमों के बजाय शक्ति-आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कानून की भूमिका कमजोर होती दिखाई देती है।
2. AI और तकनीकी प्रतिस्पर्धा की चुनौतियां
बैठक में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और तकनीकी नेतृत्व पर भी गहन चर्चा हुई। उद्योग विशेषज्ञों ने बताया कि कई कंपनियां AI में निवेश कर रही हैं, परन्तु आधे से अधिक फर्म अभी भी इस तकनीक से वास्तविक लाभ नहीं ले पा रही हैं। उनके अनुसार CEOs के सामने AI के व्यावहारिक कार्यान्वयन और नेतृत्व कौशल की कमी बड़ी बाधा है।
समय के साथ AI ने रोजगार और कौशल क्षमताओं को भी बदल दिया है, और दावोस में इसकी बहस में नए रोजगार मॉडल, कौशल परिवर्तन और AI-समावेशी विकास पर विस्तृत बातचीत हुई।
3. यूरोपीय संघ की सुरक्षा पहल और आर्कटिक
EU कमिशन प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने घोषणा की कि यूरोपीय संघ आर्कटिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक व्यापक पैकेज तैयार कर रहा है ताकि क्षेत्र में सहयोग और सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड और डेनमार्क की संप्रभुता बिना समझौते के मान्य है।
4. भारत और राज्यस्तरीय निवेश आकर्षण
भारत भी इस वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति से खासा सक्रिय रहा।
झारखंड: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दावोस में “व्हाइट बैज” से सम्मानित किया गया और टाटा स्टील ने राज्य में 11,000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की।
उत्तर प्रदेश: राज्य प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक निवेशकों को कृषि, ऊर्जा, AI और डेटा सेंटर समेत कई क्षेत्रों में निवेश के अवसर प्रस्तुत किए।
तेलंगाना: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने Telangana AI Innovation Hub जैसी पहल की घोषणा करते हुए राज्य को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में पेश किया।
ये पहल भारत के वैश्विक निवेश आकर्षण और तकनीकी नेतृत्व को सशक्त करने में मदद करेंगी।
5. मध्य प्रदेश एवं अन्य राज्यों की भागीदारी
मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों ने तकनीक, नवाचार और निवेश के क्षेत्र में विदेशी सहयोग और साझेदारी पर बातचीत की। यहां तकनीकी कंपनियों के साथ सहयोग की रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें AI, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र जुड़े रहे।
दावोस में उठ रहे प्रमुख वैश्विक विषय
वैश्विक आर्थिक तनाव और जोखिम
दावोस 2026 से पहले जारी Global Risks Report के अनुसार, आर्थिक टकराव अब सशस्त्र संघर्ष की तुलना में सबसे बड़ा जोखिम बन गया है, जिसमें आर्थिक नीति, प्रतिबंध और व्यापारिक टकराव प्रमुख चिंताएं हैं।
नए आर्थिक सहयोग और रणनीति
बैठक में वित्तीय स्थिरता, AI-संचालित अर्थव्यवस्था, विकास रणनीति और आर्थिक सहयोग पर बहस की गई, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में मदद मिले।
विशेष टिप्पणी और विश्लेषण
World Economic Forum 2026 में इस बार व्यापक राजनीतिक तनाव, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और निवेश डायलॉग का मिश्रण देखने को मिला है। वैश्विक नेताओं ने नीतिगत असंतुलन, तकनीकी दक्षता, ऊर्जा संक्रमण और आर्थिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे यह साबित होता है कि दावोस सिर्फ विचारों का मंच नहीं, बल्कि वास्तविक वैश्विक रणनीति का केंद्र भी बनता जा रहा है।



