JEE Main 2025: दोनों सेशन में 100 परसेंटाइल हासिल करने वाले 14 टॉपर्स, NTA ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े

JEE Main 2025

JEE Main 2025: देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2025 में इस बार एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई। 14 ऐसे मेधावी छात्रों ने कमाल कर दिखाया, जिन्होंने जनवरी (सेशन 1) और अप्रैल (सेशन 2) — दोनों ही चरणों में 100.00 परसेंटाइल हासिल कर परफेक्ट स्कोर दोहराया।

National Testing Agency (NTA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 में आयोजित सेशन 1 में कुल 12,58,136 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि अप्रैल 2025 के सेशन 2 में 9,92,350 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। इतनी बड़ी संख्या के बीच दो बार 100 परसेंटाइल लाना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है।


दो बार 100 परसेंटाइल: किन छात्रों ने रचा इतिहास?

JEE Main 2025 में जिन 14 छात्रों ने दोनों सेशन में 100.00 परसेंटाइल हासिल किया, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  1. Ayush Singhal — राजस्थान
  2. Kushagra Gupta — कर्नाटक
  3. Daksh — दिल्ली (NCT)
  4. Harsh Jha — दिल्ली (NCT)
  5. Rajit Gupta — राजस्थान
  6. Shreyas Lohiya — उत्तर प्रदेश
  7. Saksham Jindal — राजस्थान
  8. Saurav — उत्तर प्रदेश
  9. Vishad Jain — महाराष्ट्र
  10. Arnav Singh — राजस्थान
  11. Shiven Vikas Toshniwal — गुजरात
  12. Sai Manogna Guthikonda — आंध्र प्रदेश
  13. Om Prakash Behera — राजस्थान
  14. Bani Brata Majee — तेलंगाना

इन सभी छात्रों ने जनवरी सेशन में 100 परसेंटाइल प्राप्त करने के बाद भी अप्रैल सेशन में बैठने का फैसला किया और दोबारा वही उपलब्धि हासिल कर अपनी निरंतरता और मानसिक मजबूती साबित की।


JEE Main 2025: आंकड़ों की पड़ताल

JEE Main देश की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक है। लाखों छात्र हर साल इसमें शामिल होते हैं।

  • सेशन 1 (जनवरी 2025): 12,58,136 उम्मीदवार
  • सेशन 2 (अप्रैल 2025): 9,92,350 उम्मीदवार

दोनों सेशन में उम्मीदवारों की संख्या में अंतर यह दर्शाता है कि कुछ छात्रों ने केवल एक सेशन में भाग लिया, जबकि कई ने दोनों सेशन दिए। NTA छात्रों को दो अवसर देता है ताकि वे अपने स्कोर को बेहतर कर सकें। अंतिम रैंकिंग में सर्वश्रेष्ठ स्कोर को माना जाता है।


100 परसेंटाइल का मतलब क्या है?

JEE Main में “100 परसेंटाइल” का अर्थ यह नहीं होता कि छात्र ने 100% अंक प्राप्त किए, बल्कि इसका मतलब है कि उसने परीक्षा में शामिल सभी उम्मीदवारों में शीर्ष स्थान हासिल किया।

परसेंटाइल स्कोर एक सांख्यिकीय माप है, जो यह दर्शाता है कि उम्मीदवार ने कितने प्रतिशत अभ्यर्थियों से बेहतर प्रदर्शन किया। 100 परसेंटाइल का अर्थ है — उस सेशन में कोई भी छात्र उससे बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाया।

दो अलग-अलग सेशन में 100 परसेंटाइल हासिल करना यह दर्शाता है कि छात्र ने अलग-अलग प्रश्नपत्रों और प्रतिस्पर्धी समूहों के बीच भी शीर्ष स्थान बनाए रखा।


किन राज्यों का रहा दबदबा?

14 टॉपर्स में सबसे अधिक छात्र राजस्थान से हैं।

  • राजस्थान — 5 छात्र
  • उत्तर प्रदेश — 2 छात्र
  • दिल्ली (NCT) — 2 छात्र
  • अन्य राज्य — कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना

राजस्थान का लगातार बेहतर प्रदर्शन यह संकेत देता है कि वहां की कोचिंग और तैयारी का स्तर राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बना हुआ है। कोटा जैसे शहर वर्षों से JEE की तैयारी का प्रमुख केंद्र रहे हैं।


क्यों दोबारा परीक्षा देने पहुंचे टॉपर्स?

एक बड़ा सवाल यह है कि जब छात्रों ने जनवरी में ही 100 परसेंटाइल हासिल कर लिया था, तो उन्होंने अप्रैल में दोबारा परीक्षा क्यों दी?

विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  1. रैंक स्थिरता सुनिश्चित करना: कभी-कभी टाई-ब्रेकिंग नियमों या विषय-वार स्कोर में बदलाव से रैंक प्रभावित हो सकती है।
  2. आत्मविश्वास और निरंतरता: कई छात्र अपनी तैयारी की निरंतरता बनाए रखने के लिए दोबारा परीक्षा देते हैं।
  3. सुरक्षा रणनीति: यदि किसी कारणवश पहली परीक्षा में तकनीकी समस्या हो जाए या डेटा में त्रुटि हो, तो दूसरा स्कोर बैकअप के रूप में काम करता है।

इन 14 छात्रों ने यह दिखा दिया कि उनका प्रदर्शन केवल एक बार का संयोग नहीं था, बल्कि उनकी तैयारी का स्तर स्थायी और मजबूत था।


JEE Main 2025 का महत्व

JEE Main परीक्षा देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों जैसे NIT, IIIT और अन्य केंद्रीय तकनीकी संस्थानों में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करती है। साथ ही, यह परीक्षा JEE Advanced के लिए क्वालीफाई करने का आधार भी है, जिसके माध्यम से IIT में प्रवेश मिलता है।

हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन 100 परसेंटाइल हासिल करने वाले छात्रों की संख्या बेहद सीमित होती है। ऐसे में दो बार 100 परसेंटाइल हासिल करना और भी दुर्लभ उपलब्धि बन जाता है।


छात्रों के लिए क्या संदेश?

इन 14 टॉपर्स की सफलता से यह स्पष्ट होता है कि:

  • नियमित अभ्यास और मॉक टेस्ट की भूमिका अहम है।
  • समय प्रबंधन और मानसिक संतुलन सफलता की कुंजी है।
  • दो अवसर मिलने पर रणनीतिक योजना बनाकर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि JEE Main की तैयारी केवल विषय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा पैटर्न की समझ और तनाव प्रबंधन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

JEE Main 2025 में 14 छात्रों द्वारा दोनों सेशन में 100 परसेंटाइल हासिल करना भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए एक प्रेरक उपलब्धि है। यह न केवल छात्रों की मेहनत और समर्पण को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निरंतरता और आत्मविश्वास कितने महत्वपूर्ण हैं।

National Testing Agency द्वारा जारी आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि लाखों उम्मीदवारों के बीच शीर्ष पर बने रहना आसान नहीं है। इन 14 टॉपर्स ने साबित किया है कि सही रणनीति, अनुशासन और दृढ़ निश्चय से असंभव को संभव बनाया जा सकता है।

JEE Main 2025 के ये परिणाम आने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे और यह संदेश देंगे कि उत्कृष्टता केवल एक बार नहीं, बल्कि लगातार भी हासिल की जा सकती है।

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