LPG Cylinder Booking 2026: जमाखोरी रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम, अब 25 दिन बाद ही होगी गैस बुकिंग

देश में एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव करते हुए गैस बुकिंग के बीच की अवधि को बढ़ा दिया है। अब उपभोक्ता 25 दिनों से पहले नया एलपीजी सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे।

सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और कई जगहों पर ईंधन की उपलब्धता को लेकर अफवाहें फैल रही हैं। इन अफवाहों के कारण कई लोग जरूरत से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर बुक करने लगे थे, जिससे बाजार में जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग की आशंका बढ़ गई थी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन हालातों को देखते हुए एलपीजी वितरण व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है

पहले 21 दिन में होती थी गैस बुकिंग

अब तक लागू नियमों के मुताबिक, कोई भी उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के बाद 21 दिनों के भीतर दूसरा सिलेंडर बुक कर सकता था। लेकिन अब सरकार ने इस अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है।

नए नियम के लागू होने के बाद यदि किसी उपभोक्ता ने 1 मार्च को गैस सिलेंडर बुक किया है तो वह 26 मार्च से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएगा। पहले यही सिलेंडर 22 मार्च को बुक किया जा सकता था।

सरकार का मानना है कि इस बदलाव से अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगेगी और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना आसान होगा।

जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकना है उद्देश्य

सरकार को हाल ही में कुछ ऐसी शिकायतें मिली थीं जिनमें कहा गया था कि कुछ लोग एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पहले जहां कुछ उपभोक्ता 50 से 55 दिनों के भीतर गैस सिलेंडर बुक करते थे, वहीं हाल के दिनों में कुछ लोग 15 दिनों के भीतर ही दोबारा बुकिंग करने लगे थे।

इससे यह आशंका जताई जा रही थी कि कुछ लोग गैस सिलेंडर जमा करके बाद में अधिक कीमत पर बेचने की कोशिश कर सकते हैं। यही वजह है कि सरकार ने बुकिंग के नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया।

सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह से एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि आम लोगों को गैस सिलेंडर की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी न हो।

सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के दिए आदेश

केवल बुकिंग नियमों में बदलाव ही नहीं किया गया है, बल्कि सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, देश में एलपीजी की मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा रहा है ताकि आपूर्ति में किसी तरह की कमी न आए।

इसके अलावा तेल और गैस कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे घरेलू एलपीजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें।

घरेलू ग्राहकों को दी जाएगी प्राथमिकता

सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन की तुलना में घरेलू एलपीजी कनेक्शन को प्राथमिकता दी जाए।

इसका मतलब यह है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई पहले सुनिश्चित की जाएगी ताकि घरों में खाना बनाने के लिए गैस की कमी न हो।

सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ता हमेशा उनकी प्राथमिकता में रहेंगे और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

देश में गैस की कोई कमी नहीं

तेल और गैस कंपनियों ने भी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। कंपनियों का कहना है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है।

सरकार और कंपनियों ने यह स्पष्ट किया है कि भारत में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।

इसलिए लोगों को जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है।

विदेशों से भी बढ़ सकती है एलपीजी सप्लाई

सूत्रों के अनुसार, भारत एलपीजी सप्लाई को और मजबूत करने के लिए नए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की भी तलाश कर रहा है।

कई देशों ने भारत को एलपीजी सप्लाई करने में रुचि दिखाई है। इनमें अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देश शामिल हैं।

अगर इन देशों के साथ समझौते होते हैं तो आने वाले समय में भारत को एलपीजी की सप्लाई और अधिक मजबूत मिल सकती है।

स्थिति सामान्य होने पर हट सकता है नियम

सरकार का कहना है कि गैस बुकिंग का नया नियम स्थायी नहीं है।

यह नियम मौजूदा हालात को देखते हुए लागू किया गया है। यदि आने वाले समय में स्थिति सामान्य हो जाती है और जमाखोरी या अफवाहों का असर खत्म हो जाता है तो पुराने नियम को फिर से लागू किया जा सकता है।

आम उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर

नए नियम का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। अब उन्हें गैस सिलेंडर की बुकिंग करते समय थोड़ा इंतजार करना होगा।

हालांकि सरकार का दावा है कि यह फैसला आम लोगों के हित में लिया गया है ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके और किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोका जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा और एलपीजी वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाएगा।

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